एड्स दिवस पर व्यापार मंडल कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में जागरूकता सेमिनार आयोजित

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छात्राओं ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा, विशेषज्ञों ने बताए एचआईवी-एड्स से बचाव के उपाय
हनुमानगढ़ टाउन स्थित व्यापार मंडल कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई प्रथम के अंतर्गत एड्स दिवस पर जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए एड्स और एचआईवी से संबंधित जानकारी प्राप्त की। महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. महेंद्र सिंह ने सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा कि एचआईवी एक ऐसा वायरस है, जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है। उन्होंने बताया कि यह बीमारी अक्सर गलत धारणाओं, सामाजिक मिथकों और जानकारी के अभाव के कारण तेजी से फैलती है, इसलिए जागरूकता ही इसका सबसे बड़ा समाधान है। प्रोफेसर सिंह ने छात्राओं को एचआईवी संक्रमण के वैज्ञानिक पहलुओं से परिचित कराते हुए स्वयं और समाज को इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एड्स कोई छुआछूत की बीमारी नहीं है और इससे पीड़ित व्यक्ति के साथ सामान्य व्यवहार करना चाहिए। इस प्रकार की गलतफहमियाँ समाज में भय और भेदभाव को जन्म देती हैं। प्रोफेसर अनुज कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि एड्स छूने, साथ बैठने या साथ खाने से नहीं फैलता। यह केवल असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुइयों के उपयोग और संक्रमित रक्त के संपर्क से फैलता है। उन्होंने छात्राओं से सुरक्षित आदतें अपनाने, स्वयं की समय- समय पर जांच करवाने और जागरूक रहने की अपील की। इस अवसर पर प्रोफेसर विपुल ने बताया कि एड्स से लड़ने का सबसे प्रभावी तरीका है जागरूकता, संवेदनशीलता और समय पर जांच। उन्होंने कहा कि समाज को एड्स से पीड़ित लोगों के प्रति संवेदनशील और मानवतावादी दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, क्योंकि ऐसे लोग हमारे समर्थन और समझ के अधिक पात्र हैं।कार्यक्रम में एनएसएस अधिकारी श्रीमती अनु मुंजाल, श्रीमती ममता चौहान, श्रीमती निवेदिता पारीक, सुश्री कर्मजीत कौर और सुश्री नेहा कठपाल की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। सेमिनार का उद्देश्य छात्राओं में एड्स के प्रति वैज्ञानिक समझ विकसित करना और नकारात्मक धारणाओं को दूर करना था।

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