हनुमानगढ़ में आरसीबीए की भव्य नेशनल डेयरी एवं कृषि प्रदर्शनी शुरू

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– देशभर से पहुंचे 400 से अधिक पशु, विदेशी निर्णायकों ने किया अवलोकन
हनुमानगढ़। जंक्शन स्थित पशु मेला ग्राउंड में आरसीबीए द्वारा आयोजित नैशनल डेयरी एवं कृषि प्रदर्शनी का शुभारंभ सोमवार को उत्साह और उमंग के माहौल में हुआ। प्रदर्शनी के पहले दिन नगरपरिषद के निवर्तमान सभापति सुमित रणवां, किसान नेता अवतार सिंह बराड़, आयोजन समिति के अध्यक्ष दयाराम सित्तू तथा सामाजिक कार्यकर्ता रज्जाक बग्गा सहित कई विशिष्ट अतिथियों ने मेले का भ्रमण कर विभिन्न स्टॉलों तथा प्रदर्शित पशुओं का अवलोकन किया। आयोजकों के अनुसार प्रदर्शनी में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में पशुपालक पहुंचे हैं, जिससे मेले की रौनक कई गुना बढ़ गई है।
आयोजन समिति अध्यक्ष दयाराम सिल्लू ने बताया कि मेले में अब तक लगभग 400 पशुओं का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। बड़े स्तर पर आयोजित इस प्रदर्शनी में उन्नत नस्लों की गायों, भैसों तथा अन्य पशुओं को देखने के लिए सुबह से ही पशुपालकों और ग्रामीणों की भीड़ उमड़ रही है। मेले का समापन 3 दिसंबर को समारोहपूर्वक किया जाएगा, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।
मेले की सबसे विशेष बात यह है कि निर्णायक मंडल में फ्रांस से विशेषज्ञ पहुंचे हैं, जो विभिन्न प्रतियोगिताओं में पशुओं की गुणवत्ता, उत्पादन क्षमता व सौंदर्य का परीक्षण करेंगे। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की मौजूदगी से पशुपालकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। साथ ही कुछ विदेशी पर्यटक भी मेले का हिस्सा बनकर भारतीय पशुपालन की विविधता और परंपरा को नजदीक से समझ रहे हैं।
मेले में ऑल इंडिया स्तर पर आयोजित गाय के दूध उत्पादन की प्रतियोगिता के साथ ही केवल राजस्थान के लिए दूध प्रतियोगिता, जर्सी गाय दूध प्रतियोगिता, मुर्रा भैंस दूध प्रतियोगिता तथा साहीवाल गाय दूध प्रतियोगिता शामिल हैं। इन सभी प्रतियोगिताओं में प्रथम विजेता पशुपालक को एचएफ डिलक्स बाइक, द्वितीय विजेता को 31 हजार रुपये और तृतीय विजेता को 21 हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त मिल्किंग गाय ब्यूटी प्रतियोगिता, दो दांत बछिया ब्यूटी प्रतियोगिता, खीरी बछिया ब्यूटी प्रतियोगिता सहित कई अन्य आकर्षक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।
प्रदर्शनी में आधुनिक कृषि उपकरणों, डेयरी मशीनरी, चारा प्रबंधन तकनीक और पशु चिकित्सा संबंधित स्टॉल भी लगाए गए हैं, जिनसे पशुपालकों को नई जानकारी एवं तकनीकी समाधान प्राप्त हो रहा है। मेले का उद्देश्य पशुपालकों को नवीनतम तकनीक और उन्नत नस्लों से परिचित कराना तथा पशुपालन को लाभकारी और वैज्ञानिक दिशा देना है। आयोजकों का कहना है कि आने वाले दो दिनों में और भी अधिक पशुपालकों तथा पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है, जिससे मेले की भव्यता और बढ़ेगी।

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