3 दिन बाद DGCA का यू-टर्न, IndiGo पर असर डालने वाला नियम क्यों हटा? जानें क्या था पूरा विवाद?

नए नियम तो सभी एयरलाइंस के लिए थे, लेकिन इंडिगो इसलिए सबसे अधिक प्रभावित हुई क्योंकि उसके पास देश में सबसे ज्यादा नाइट फ्लाइट्स हैं।

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देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo Flights) को केंद्र सरकार से बड़ी राहत मिली है। फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के तहत लागू किए गए नए नियमों को सरकार ने तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है। इन नियमों के तहत पायलटों और क्रू को हर सात दिनों में लगातार 48 घंटे का अनिवार्य वीकली रेस्ट देना जरूरी किया गया था।

DGCA ने सभी एयरलाइंस को 10 फरवरी तक अस्थायी छूट दे दी है। इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा इंडिगो को मिलेगा, क्योंकि नियमों के चलते पिछले तीन दिनों में उसकी 700 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी थीं, जिससे देशभर के एयरपोर्ट्स पर यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

DGCA ने आदेश में कहा कि अलग-अलग एयरलाइंस द्वारा उठाए गए ऑपरेशनल मुद्दों, स्थिरता की जरूरत और वर्तमान बाधाओं को देखते हुए, नए रेस्ट नियम को फिलहाल समीक्षा तक वापस लिया जा रहा है।

इंडिगो ने जारी किया नोटिस: दिल्ली से सभी घरेलू उड़ानें रात 12 बजे तक रद्द

नियमों के असर और चल रही ऑपरेशनल दिक्कतों के बीच इंडिगो ने यात्रियों के लिए एक नोट जारी किया। एयरलाइन ने कहा— “5 दिसंबर 2025 को दिल्ली एयरपोर्ट से रात 12 बजे तक सभी घरेलू उड़ानें रद्द रहेंगी। यात्रियों के लिए भोजन, होटल और अगली उपलब्ध उड़ान की व्यवस्था की जा रही है। पूरा रिफंड भी उपलब्ध कराया जाएगा।”

क्या था नया नियम और क्यों मचा था हंगामा?  सरकार ने पायलटों की 2019 से लंबित मांगों को मंजूरी देते हुए FDTL के नियमों में बदलाव किए थे। ये नियम दो चरणों में लागू हुए—पहला जुलाई 2025 में और दूसरा 1 नवंबर 2025 से। बदलाव में शामिल थे:

  • वीकली रेस्ट 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे अनिवार्य करना
  • रात में एक पायलट की अधिकतम लैंडिंग 6 से घटाकर 2 करना
  • ‘नाइट’ की परिभाषा सुबह 5 बजे से बढ़ाकर 6 बजे तक करना
  • रात में फ्लाइंग आवर्स को घटाकर अधिकतम 8 घंटे करना

इंडिगो पर प्रभाव सबसे ज्यादा क्यों पड़ा? नए नियम तो सभी एयरलाइंस के लिए थे, लेकिन इंडिगो इसलिए सबसे अधिक प्रभावित हुई क्योंकि उसके पास देश में सबसे ज्यादा नाइट फ्लाइट्स हैं।

  • इंडिगो हर दिन करीब 2500 उड़ानें संचालित करती है
  • इनमें बड़ी संख्या रात की उड़ानों की होती है
  • पहले जहां पायलट रात में 6 लैंडिंग कर सकता था, अब सिर्फ 2
    इससे नाइट ऑपरेशंस के लिए पायलटों की मांग लगभग तीन गुना बढ़ गई, जबकि इंडिगो के पास उपलब्ध पायलट संख्या पहले से कम थी। नतीजा—सबसे ज्यादा कैंसिलेशन इंडिगो को करने पड़े और पूरे एविशन सेक्टर में असर देखने को मिला।

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DGCA की पायलटों से अपील

DGCA ने ऑल पायलट एसोसिएशन को पत्र लिखकर कहा—

  • खराब मौसम और व्यस्त सीजन में उड़ानों को स्थिर और सुचारू रखें
  • देरी और रद्दीकरण पर नियंत्रण करें
  • यात्रियों को कम से कम परेशानी हो यह सुनिश्चित करें
  • एयरलाइंस और पायलटों के बीच समन्वय मजबूत किया जाए

सरकार के नवीनतम फैसले के बाद उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में उड़ान सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य हो जाएंगी।

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