सीटू की जिला स्तरीय बैठक में चारों श्रम कानूनों का कड़ा विरोध

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– टिब्बी इथेनॉल फैक्ट्री आंदोलन पर पुलिस दमन की तीखी निंदा, सीटू ने किसानों के समर्थन में बड़ी लड़ाई का ऐलान किया
हनुमानगढ़। भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) की जिला स्तरीय बैठक आज जिला अध्यक्ष कामरेड आत्मा सिंह की अध्यक्षता में सीटू जिला मुख्यालय, हनुमानगढ़ जंक्शन पर संपन्न हुई। बैठक में जिले की विभिन्न मजदूर यूनियनों के पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे। बैठक का मुख्य एजेंडा हाल ही में लागू किए गए चारों श्रम कानूनों पर व्यापक चर्चा और इनके विरोध में व्यापक आंदोलन की तैयारी रहा।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए ये श्रम कानून मजदूरों के हक छीनने वाले हैं और पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने की नियत से बनाए गए हैं। उपस्थित पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से इन कानूनों का विरोध करने का निर्णय लेते हुए कहा कि हनुमानगढ़ जिले की तमाम यूनियनों द्वारा क्रमवार प्रतिदिन एक यूनियन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला तथा चारों श्रम कानूनों की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज करवाएगी। इसके माध्यम से मजदूरों में जागरूकता पैदा की जाएगी और सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।
बैठक में यह भी तय किया गया कि 15 दिसंबर के बाद पूरे जिले के गांव-गांव में व्यापक जनजागृति अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के दौरान मजदूरों को श्रम कानूनों के दुष्प्रभाव, मजदूर विरोधी नीतियों और आगामी तीखे संघर्ष की तैयारी के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। सीटू पदाधिकारियों ने कहा कि अब शांतिपूर्ण विरोध से आगे बढ़कर निर्णायक लड़ाई का समय आ गया है और मजदूर एकजुट होकर सरकार की नीतियों का मजबूती से मुकाबला करेंगे।
बैठक में टिब्बी में चल रहे इथेनॉल फैक्ट्री विरोधी किसान आंदोलन पर हुए पुलिसिया दमन की भी कड़ी निंदा की गई। पदाधिकारियों ने कहा कि शांतिपूर्ण धरने पर बैठे किसानों को जबरन उठाकर जेल में डालना और उन पर संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज करना, लोकतंत्र पर कुठाराघात है। सीटू ने पुलिस प्रशासन और सरकार को चेतावनी दी कि मजदूर और किसान वर्ग का दमन किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। संगठन ने घोषणा की कि सीटू का हर कार्यकर्ता बड़े जोश के साथ टिब्बी पहुंचेगा और किसानों के समर्थन में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
बैठक में मौजूद सभी साथियों ने एक स्वर में कहा कि मजदूरों और किसानों पर अत्याचार किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं होगा। पुलिस दमन का डटकर मुकाबला किया जाएगा और मजदूर एकजुट होकर संघर्ष को मजबूत करेंगे।
बैठक में कामरेड रामेश्वर वर्मा, कामरेड आत्मा सिंह, कामरेड बलदेव सिंह, मक्का कर, कामरेड बहादुर सिंह चौहान, बसंत सिंह, कामरेड गुरु प्रेम सिंह, शिवकुमार, कामरेड सुल्तान खान, कामरेड ओमप्रकाश, गुरुसेवक सिंह, कामरेड हाकम खान, मसानी, कामरेड विनोद महावर, कामरेड जगदीश सिंह, अमरजीत सिंह, कामरेड साहब सिंह, कामरेड लाल सिंह, कामरेड बसंत सिंह, मुकद्दर अली, कामरेड वारिस अली, गुरु नायब सिंह, कामरेड श्यामलाल, कामरेड राजकुमार, कामरेड पप्पू सिंह, कामरेड सतपाल मान, रणजीत सहित कई साथियों ने भाग लिया। सभी ने आंदोलन को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर संघर्ष का संकल्प लिया।

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