सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की लापरवाही से नवजात की मौत

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– परिजनों का रोष, नेताओं ने कहा जिम्मेदार चिकित्सक पर होगी सख्त कार्रवाई
हनुमानगढ़। जिला अस्पताल हनुमानगढ़ टाउन में रविवार देर रात घटी दर्दनाक घटना ने चिकित्सा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए, जहाँ डॉक्टर की लापरवाही और ड्यूटी पर समय पर उपस्थित न होने के कारण एक नवजात की मृत्यु हो गई। घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया और लोगों ने अस्पताल परिसर में विरोध दर्ज कराया।
श्योदानपुर निवासी राकेश सिंह पुत्र केसरी सिंह अपनी गर्भवती पत्नी को प्रसव पीड़ा बढ़ने पर 7 दिसंबर की रात सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल स्टाफ ने महिला को भर्ती कर उपचार शुरू किया और बाहर से कुछ दवाइयाँ मंगवाई। परिजनों के अनुसार स्टाफ ने बताया कि बच्चे की स्थिति सामान्य है और मामले की जानकारी डॉ. विनोद नेहरा (स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ) को फोन द्वारा दे दी गई है। परंतु स्टाफ द्वारा बार-बार कॉल किए जाने के बावजूद डॉक्टर देर रात ड्यूटी पर नहीं पहुंचे।
राकेश सिंह का आरोप है कि डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण समय पर उपचार नहीं मिल पाया, जिससे नवजात की जन्म के दौरान ही मृत्यु हो गई। उन्होंने प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को लिखित शिकायत देकर डॉक्टर विनोद नेहरा के विरुद्ध लापरवाही, ड्यूटी के प्रति उदासीनता और मानव जीवन से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए निलंबन एवं कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
घटना के बाद क्षेत्र में रोष फैल गया और लोगों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ विरोध जताया। मौके पर पहुंचे भाजपा नेता गजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि “माननीय प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री लगातार चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कुछ लापरवाह चिकित्सक पूरे सिस्टम को बदनाम कर रहे हैं। ऐसे मामलों पर कठोर कार्रवाई होना आवश्यक है।”
पूर्व मंडल अध्यक्ष शुभेन्द्र सिंह शैरी ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि मामले की जानकारी मुख्यमंत्री एवं चिकित्सा मंत्री तक पहुंचाई जाएगी और संबंधित डॉक्टर के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि आमजन की जान से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रशासन से मांग की है कि अस्पताल में स्टाफ की जवाबदेही तय की जाए, ड्यूटी रोस्टर का कड़ाई से पालन करवाया जाए और रात में आपातकालीन सेवाओं के लिए जिम्मेदार डॉक्टरों की तत्काल उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएँ न हों।
नवजात की मौत से शोकाकुल परिवार न्याय की मांग कर रहा है, जबकि घटना ने जिले की चिकित्सा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासन द्वारा लिए जाने वाले निर्णय पर टिकी हुई हैं।

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