यूरिया खाद की किल्लत से हनुमानगढ़ का किसान बेहाल

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– जिला कलेक्टर को रायुप ने सौंपा ज्ञापन, खाद माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग
हनुमानगढ़। जिले में यूरिया खाद की कमी ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। गेहूं की फसल के लिए सबसे अहम समय में खाद उपलब्ध नहीं होने से किसान चिंतित हैं। इस समस्या को लेकर राष्ट्रीय युवक परिषद के जिलाध्यक्ष एवं सम्भागीय प्रभारी प्रवीण जैन ने जिला कलेक्टर महोदय, हनुमानगढ़ को ज्ञापन सौंपकर यूरिया खाद की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा खाद माफियाओं पर लगाम लगाने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया कि देश का किसान दिन-रात मेहनत कर नागरिकों का पेट भरता है, लेकिन आज वही किसान सबसे अधिक उपेक्षा का शिकार है। वह देश की चिंता करता है, पर उसकी चिंता न तो राजनेताओं को है, न सरकार को और न ही उद्योगपतियों को। वर्तमान में जिले में बड़े व्यापारी और स्टॉकिस्ट यूरिया खाद का अवैध रूप से भंडारण कर रहे हैं, जिससे वास्तविक जरूरतमंद किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है।
किसानों का कहना है कि जब गेहूं की फसल को यूरिया की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, तब उन्हें खाद के लिए सुबह से शाम तक दुकानों के बाहर लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है। कई बार किसान पूरे दिन इंतजार करने के बाद भी खाली हाथ घर लौटने को मजबूर हो जाते हैं। इससे न केवल उनका समय और श्रम बर्बाद होता है, बल्कि मानसिक रूप से भी वे टूट जाते हैं।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि खाद विक्रेता स्टॉक न होने का बहाना बनाकर किसानों को टाल देते हैं या फिर भारी-भरकम दस्तावेजों की सूची थमा देते हैं। कई स्थानों पर यदि किसान का नंबर आ भी जाता है तो दुकानदार यूरिया देने के बदले अनावश्यक दवाइयां और कृषि उत्पाद खरीदने की शर्त रख देते हैं, जिनकी किसानों को कोई जरूरत नहीं होती। इससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

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