– 2 फरवरी को बीकानेर में होगा महापड़ाव, हनुमानगढ़ में हुई अहम बैठक
हनुमानगढ़ टाउन स्थित बिश्नोई धर्मशाला में श्री जंभेश्वर प्राणी हितकारी समिति के पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रधान प्रतिनिधि अश्विनी पूनिया ने की। बैठक में पश्चिमी राजस्थान में सोलर कंपनियों द्वारा खेजड़ी पेड़ों की अंधाधुंध कटाई पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसके खिलाफ चल रहे बिश्नोई समाज के आंदोलन को और तेज करने पर चर्चा की गई। वर्तमान में बीकानेर और जोधपुर में इस मुद्दे को लेकर धरना जारी है। इसी क्रम में 2 फरवरी 2026 को बीकानेर में प्रस्तावित महापड़ाव को लेकर आज पर्यावरण बचाओ समिति के प्रमुख पदाधिकारी परसाराम खोखर, सुभाष भाम्भू, शास्त्री भागीरथ दास जी एवं आनंद प्रकाश जी हनुमानगढ़ पहुंचे। उन्होंने खेजड़ी पेड़ों की कटाई के विरोध में आयोजित महापड़ाव में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने के लिए बिश्नोई समाज को आमंत्रण दिया। पर्यावरण बचाओ समिति के परसाराम खोखर ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि हाल ही में राजस्थान सरकार की कैबिनेट बैठक में राज्य वृक्ष खेजड़ी की कटाई पर मात्र ₹1000 का जुर्माना तय करने की बात सामने आई है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खेजड़ी केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि पश्चिमी राजस्थान की संस्कृति, पशुपालन, पर्यावरण संरक्षण और जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा है। ऐसे में इसकी कटाई पर प्रतीकात्मक जुर्माना लगाना पूरी तरह अनुचित और अस्वीकार्य है। उन्होंने बताया कि आंदोलन को और व्यापक रूप देने के उद्देश्य से 2 फरवरी को “पर्यावरण बचाओ, खेजड़ी बचाओ” के तहत बीकानेर में महापड़ाव शुरू किया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत पर्यावरण बचाओ यात्रा के माध्यम से हनुमानगढ़ पहुंचकर समाज के लोगों को जागरूक किया गया। इसके पश्चात यह यात्रा रावतसर,चोहलियावली, मैनावाली, पीलीबंगा, शेरेका, तंदूरवाली, गिलवाली, संगरिया, चमार खेड़ा, सादुलशहर और साधुवाली बॉर्डर तक पहुंची, जहां बिश्नोई समाज को महापड़ाव में शामिल होने का आह्वान किया गया।
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