अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान (US Iran Trade War) के साथ कारोबार करने वाले देशों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ट्रम्प ने सोमवार रात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर यह जानकारी दी और कहा कि यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
हालांकि, अब तक व्हाइट हाउस की ओर से इस टैरिफ को लेकर कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। यह घोषणा ऐसे समय में सामने आई है जब ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज़ हैं, जिनमें अब तक 600 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
क्या भारत को असल में निशाना बनाया गया है?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में चीन, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और भारत शामिल हैं। अगर अमेरिका इन देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लागू करता है, तो इसका सीधा असर उनके अमेरिका के साथ व्यापार पर पड़ेगा।
भारत ईरान के प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों में से एक रहा है। हाल के वर्षों में भारत-ईरान के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग $1.68 अरब (लगभग ₹14,000–₹15,000 करोड़) तक पहुंच चुका है, जिसमें बासमती चावल, चाय, चीनी, दवाइयां और कृषि उत्पादों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वहीं ईरान से भारत में सूखे मेवे, रसायन, कांच के बर्तन और अन्य वस्तुएं आती हैं।

भारत पर कुल टैरिफ 75% तक पहुंचने की आशंका
अमेरिका पहले ही भारत पर 50% टैरिफ लगा चुका है, जिसमें 25% रेसिप्रोकल टैरिफ, 25% रूस से तेल आयात को लेकर पेनल्टी शामिल है। अगर ईरान से व्यापार को लेकर भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाया जाता है, तो कुल टैरिफ 75% तक पहुंच सकता है। इसका असर भारतीय निर्यात पर पहले से ही दिख रहा है, क्योंकि अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पाद महंगे हो रहे हैं।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील
टैरिफ विवाद को सुलझाने के लिए भारत और अमेरिका के बीच आज ट्रेड डील पर बातचीत होनी है। भारत की मांग है कि कुल 50% टैरिफ घटाकर 15% किया जाए। रूस से कच्चा तेल खरीदने पर लगाई गई 25% अतिरिक्त पेनल्टी पूरी तरह हटाई जाए।
बता दें, ईरान में सरकार और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के खिलाफ हो प्रदर्शन का आज 17वां दिन है। ये प्रदर्शन आर्थिक संकट से शुरू होकर अब सत्ता के खिलाफ पहुंच चुके हैं। इन प्रदर्शनों के खिलाफ हुई हिंसक कार्रवाई में कम से कम 648 लोग मारे गए हैं। नॉर्वे स्थित गैर-सरकारी संगठन ईरान ह्यूमन राइट्स (IHR) ने इन मौतों की पुष्टि की है। संस्था के मुताबिक मरने वालों में नौ नाबालिग भी शामिल हैं और इसके अलावा हजारों लोग घायल हुए हैं।
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