बजट 2026-27 को लेकर अनुजा निगम से जुड़े व्यापक सुझाव सौंपे

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-प्रभारी मंत्री सुमित गोदारा से गरीब वर्ग को राहत देने की मांग की
हनुमानगढ़। बजट वर्ष 2026-27 को लेकर अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के गरीब परिवारों को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से बी-आर-अम्बेडकर सामाजिक संस्थान द्वारा राज्य सरकार को विस्तृत बजट सुझाव सौंपे गए हैं। संस्थान के अध्यक्ष  ने  जिला हनुमानगढ़ के प्रभारी मंत्री माननीय श्री सुमित गोदारा को पत्र लिखकर राजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम (अनुजा निगम) से जुड़ी योजनाओं में महत्वपूर्ण सुधारों की मांग की है।
पत्र में प्रमुख रूप से यह मांग की गई है कि कोरोनाकाल से पूर्व के गरीब परिवारों के बकाया ऋण, ब्याज एवं पेनल्टी ब्याज को 2 लाख रुपये तक माफ करने का प्रस्ताव बजट 2026-27 में शामिल किया जाए। इससे उन परिवारों को राहत मिलेगी जो लंबे समय से ऋण चुकाने में असमर्थ हैं।
सुझाव दिया कि अनुजा निगम द्वारा संचालित स्वरोजगार ऋण योजनाओं में वर्तमान दो किश्तों के स्थान पर एकमुश्त ऋण वितरण किया जाए, ताकि लाभार्थियों को समय पर व्यवसाय प्रारंभ करने में सुविधा मिल सके। साथ ही प्रत्येक जिले में प्रत्येक योजना के अंतर्गत कम से कम 500 लाभार्थियों का लक्ष्य निर्धारित करने तथा ऋण की अधिकतम सीमा 25 लाख रुपये तक बढ़ाने की मांग भी की गई।
उन्होंने आवेदन के तीन माह के भीतर ऋण स्वीकृति एवं वितरण सुनिश्चित करने, वर्तमान 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर को घटाकर 3 प्रतिशत करने तथा ऋण वसूली की अवधि 5 वर्ष से बढ़ाकर 8 वर्ष करने का भी सुझाव दिया। इसके अतिरिक्त त्रैमासिक किश्तों के स्थान पर मासिक किश्त प्रणाली लागू करने की मांग की गई, जिससे लाभार्थियों पर आर्थिक बोझ कम हो सके।

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