-पंज प्यारों की अगुवाई में निकला नगरकीर्तन
हनुमानगढ़। जिले के गांव सतीपुरा में गुरुद्वारा सिंह सभा सतीपुरा के तत्वावधान में सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के पावन जन्म दिहाड़े के उपलक्ष्य में श्रद्धा और उत्साह के साथ नगरकीर्तन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गांव का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया और संगत में भारी उत्साह देखने को मिला।
नगरकीर्तन की शुरुआत गुरुद्वारा साहिब से की गई, जहां सिख परंपरा के अनुसार पंज प्यारों की अगुवाई में गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन छत्रछाया में नगरकीर्तन निकाला गया। नगरकीर्तन गांव की मुख्य गलियों से होकर निकला, जहां श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर एवं जयकारों के साथ नगरकीर्तन का स्वागत किया। “जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के गगनभेदी जयघोषों से पूरा गांव गूंज उठा। शाम को नगरकीर्तन पुनः गुरुद्वारा साहिब पहुंचकर विधिवत रूप से संपन्न हुआ।
नगरकीर्तन के दौरान संगत ने गुरबाणी कीर्तन का श्रवण किया और गुरु साहिब के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। आयोजन में अनुशासन और धार्मिक मर्यादा का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे पूरे कार्यक्रम में शांति एवं सौहार्द का वातावरण बना रहा।
इस अवसर पर नगरकीर्तन का स्वागत जिला कांग्रेस कमेटी हनुमानगढ़ के जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर द्वारा किया गया। उन्होंने गुरु गोविंद सिंह जी के जन्म दिहाड़े की बधाई देते हुए कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी का जीवन त्याग, साहस, समानता और मानवता की रक्षा के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब के आदर्श आज भी समाज को एकता और भाईचारे का संदेश देते हैं।
गुरुद्वारा सिंह सभा के प्रधान कर्मजीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जन्म दिहाड़े के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा साहिब में 15 जनवरी को पाठों के प्रकाश किए गए हैं, जिनका भोग 17 जनवरी को श्रद्धा और विधिविधान के साथ डाला जाएगा। उन्होंने संगत से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रमों में शामिल होने की अपील की।
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