इस अकेले पेंगुइन को देखकर क्यों भावुक हुआ सोशल मीडिया, जानें क्या है माजरा?

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सोशल मीडिया पर एक अकेले पेंगुइन (Nihilist Penguin) का छोटा सा वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक पेंगुइन अपने झुंड से अलग होकर दूर बर्फीले पहाड़ों की ओर चलता दिखाई देता है। इंटरनेट पर लोग इसे “निहिलिस्ट पेंगुइन” कह रहे हैं। लाखों लोग इस क्लिप को मीम के तौर पर शेयर कर रहे हैं और इसे अस्तित्व, जीवन और अकेलेपन से जुड़े गहरे अर्थों से जोड़ रहे हैं।

लेकिन सवाल यह है कि वीडियो में असल में हो क्या रहा है? और अंटार्कटिका का एक पेंगुइन समुद्र से इतनी दूर आखिर क्यों जा रहा है?

तो सबसे पहले आपको ये बता दें, ये वीडियो असली नहीं है बल्कि एक डॉक्यूमेंट्री का सीन है। यह वीडियो मशहूर फिल्ममेकर वर्नर हर्ज़ोग की 2007 में आई डॉक्यूमेंट्री Encounters at the End of the World से लिया गया है। इसमें एक अडेली पेंगुइन अपने सामान्य समुद्री रास्ते को छोड़कर लगभग 70 किलोमीटर अंदर, बर्फीले पहाड़ों की दिशा में चलता हुआ दिखाई देता है। आमतौर पर पेंगुइन समुद्र और अपने कॉलोनी क्षेत्र के पास ही रहते हैं, लेकिन यह पेंगुइन अकेले बर्फ पर आगे बढ़ता चला जाता है। इस प्रजाति के लिए यह व्यवहार असामान्य माना जाता है।

इंटरनेट कुछ ज़्यादा ही सोचने लगा
अब सोशल मीडिया पर यूजर्स सिर्फ इस वीडियो को देख नहीं रहे, बल्कि उस पर अपने अर्थ भी थोप रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस पेंगुइन को आज़ादी, विद्रोह और यहां तक कि अस्तित्वगत संकट के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। “पेंगुइन सब जानता है” या “अंधेरे भविष्य की ओर बढ़ता हुआ” जैसे कैप्शन असल में पेंगुइन के व्यवहार से ज़्यादा इंसानी भावनाओं और सोच को दिखाते हैं।

वास्तव में, अडेली पेंगुइन आमतौर पर अपने प्रजनन क्षेत्रों और समुद्र के पास ही रहते हैं, क्योंकि वहीं उन्हें भोजन मिलता है। कभी-कभी कोई पेंगुइन रास्ता भटक सकता है, लेकिन सुनसान पहाड़ों की ओर इस तरह लंबी दूरी तक जाना सामान्य जीवन व्यवहार का हिस्सा नहीं है।

विज्ञान इसके पीछे कुछ संभावित कारण बताता है, जैसे-

  1. दिशा भ्रम (Disorientation) — युवा या अनुभवहीन पेंगुइन अपने रास्ते से भटक सकते हैं।
  2. बीमारी या चोट — स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उनके चलने-फिरने के तरीके को बदल सकती हैं।
  3. खोज या भटकाव — कुछ पक्षी कभी-कभी नया इलाका तलाशने निकल जाते हैं, खासकर कम उम्र में।

वन्यजीव वैज्ञानिक डॉ. ऐनली कहते हैं, “मैंने कभी किसी पेंगुइन को जानबूझकर चट्टान से सिर टकराते नहीं देखा।” लेकिन वे यह भी जोड़ते हैं, “वे दिशा भ्रम का शिकार हो सकते हैं।” वन्यजीव विज्ञान में, किसी जानवर के सामान्य व्यवहार से हटकर कुछ करने का मतलब यह नहीं होता कि उसके पीछे कोई सोच या उद्देश्य है। अक्सर यह सिर्फ जैविक या परिस्थितिजन्य कारणों का नतीजा होता है।

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कहां पाए जाते हैं पेंगुइन?
पेंगुइन कई महाद्वीपों में पाए जाते हैं। मुख्य रूप से ये अंटार्कटिक, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण जॉर्जिया द्वीप, गैलापागोस द्वीप, फ़ॉकलैंड द्वीप, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं।

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