AI फोटो-वीडियो अब नहीं छुपेंगे, सरकार लाई सख्त कानून, 3 घंटे में लिया जाएगा अब एक्शन

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केंद्र सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI Content New Rules ) से तैयार होने वाले कंटेंट और डीपफेक पर सख्ती बढ़ा दी है। नए नियमों के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को आपत्तिजनक और गैरकानूनी कंटेंट को अधिकतम तीन घंटे के भीतर हटाना होगा। इसके साथ ही AI से बनाए गए या बदले गए कंटेंट पर साफ और स्पष्ट लेबल लगाना अब अनिवार्य कर दिया गया है।

बदले हुए नियम 20 फरवरी से लागू होंगे। इसका ड्राफ्ट सरकार ने 22 अक्टूबर 2025 को जारी किया था। नए नियम डीपफेक और AI से बने कंटेंट को लेबल और ट्रेस करने के लिए हैं। मतलब, अब AI कंटेंट में साफ लिखना होगा कि यह कंटेंट असली नहीं, AI वाला है।

संशोधित सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड नियमों के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि AI टूल्स के जरिए तैयार किसी भी कंटेंट को प्रमुख रूप से “AI-जनरेटेड” या “AI-ऑल्टर्ड” के रूप में चिन्हित किया जाए। साथ ही यूजर्स को भी यह घोषणा करनी होगी कि उनके द्वारा अपलोड किया गया कंटेंट AI से बनाया गया है या उसमें किसी तरह का बदलाव किया गया है।

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नए IT नियमों में ये 3 बदलाव भी

  • लेबल हटाना या छिपाना अब मुमकिन नहीं : सोशल मीडिया कंपनियां अब AI लेबल या उसके मेटाडेटा (पहचान की जानकारी) को हटाने या छिपाने की इजाजत नहीं दे सकतीं। एक बार लेबल लग गया, तो उसे वैसे ही रखना होगा।
  • गंदे और भ्रामक कंटेंट पर लगाम : सरकार ने कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे ऐसे ऑटोमेटेड टूल्स (सॉफ्टवेयर) इस्तेमाल करें, जो AI के जरिए बनाए गए गैर-कानूनी, अश्लील या धोखाधड़ी वाले कंटेंट को रोक सकें।
  • हर 3 महीने में चेतावनी देना अनिवार्य : कंपनियों को हर 3 महीने में कम से कम एक बार अपने यूजर्स को वॉर्निंग देनी होगी। उन्हें बताना होगा कि अगर उन्होंने AI का गलत इस्तेमाल किया या नियम तोड़े, तो उन्हें सजा या जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।

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सोशल मीडिया कपंनियों को सरकार ने दिए सख्त निर्देश
सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों को यह भी निर्देश दिया है कि वे यूजर्स की घोषणाओं की जांच के लिए तकनीकी टूल्स और वेरिफिकेशन मैकेनिज्म लागू करें। अगर बिना सही खुलासे के AI-जनरेटेड कंटेंट प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित होता है, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित सोशल मीडिया कंपनी की होगी।

सरकार का कहना है कि इन नए नियमों का मकसद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर AI और डीपफेक के दुरुपयोग पर लगाम लगाना है, साथ ही भ्रामक और नुकसानदायक कंटेंट के खिलाफ तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करना भी है।


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