कानपुर में लग्जरी कार लेम्बोर्गिनी से हुए हाई-स्पीड एक्सीडेंट (Kanpur Lamborghini accident) मामले में पुलिस ने 26 वर्षीय शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। शिवम मिश्रा शहर के एक बड़े तंबाकू कारोबारी के बेटे बताए जा रहे हैं। पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है।
कानपुर के डीसीपी अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि शिवम मिश्रा शहर में मौजूद हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया। इससे एक दिन पहले पुलिस ने मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में स्थानीय थाना प्रभारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की थी।
कैसे हुआ हादसा
यह हादसा रविवार को रिंग वाला चौराहा के पास हुआ था। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार में चल रही लेम्बोर्गिनी रेवुएल्टो कार का संतुलन बिगड़ गया। यह कार कथित तौर पर तंबाकू निर्यातक केके मिश्रा की कंपनी से जुड़ी बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, कार ने पहले एक ऑटो रिक्शा को टक्कर मारी और फिर सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिल से टकरा गई। इसके बाद कार फुटपाथ पर चढ़ गई और वहां मौजूद लोगों को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में ऑटो चालक तौसीफ अहमद और बाइक सवार विशाल तथा सोनू त्रिपाठी घायल हो गए।
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पहले अज्ञात चालक पर दर्ज हुआ था केस
ऑटो चालक की शिकायत पर शुरुआत में अज्ञात चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और लोगों की जान खतरे में डालने जैसी धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में जांच के दौरान पुलिस ने शिवम मिश्रा को चालक के रूप में चिन्हित किया और उनका नाम केस में जोड़ दिया।
कानपुर पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि हादसे में शामिल लग्जरी कार को जब्त कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के समय शिवम मिश्रा ही कार चला रहे थे। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद उनके साथ मौजूद निजी सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें कार से बाहर निकाला था।
शराब या बीमारी, जांच जारी
हादसे के बाद यह भी चर्चा रही कि शिवम मिश्रा शराब के नशे में थे। पुलिस ने कहा कि इसकी पुष्टि मेडिकल जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही होगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या किसी बीमारी, जैसे मिर्गी के दौरे, की वजह से यह दुर्घटना हुई।
परिवार का दावा है कि शिवम को गाड़ी चलाते समय दौरा पड़ा था और पिछले छह महीनों में उन्हें ऐसी समस्या कई बार हो चुकी है। वहीं उनके वकील ने कहा है कि हादसे के समय शिवम गाड़ी नहीं चला रहे थे बल्कि चालक मौजूद था और शिवम की तबीयत पहले से खराब थी।

हादसे के बाद हंगामे का आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार हवा में उछल गया। आरोप है कि हादसे के तुरंत बाद दूसरी गाड़ी में मौजूद बाउंसर मौके पर पहुंचे, कार का शीशा तोड़ा और शिवम को बाहर निकाल लिया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें मौके से हटाने की कोशिश की गई, जिससे वहां झड़प भी हुई। सोशल मीडिया पर वायरल कुछ वीडियो में भी सुरक्षा कर्मियों को कार से किसी व्यक्ति को निकालते हुए देखा जा रहा है।
थाना प्रभारी निलंबित
इस मामले में ग्वालटोली थाना प्रभारी संतोष गौर को भी हटा दिया गया है। पुलिस का कहना है कि उन्होंने दुर्घटना के बाद जरूरी प्रक्रिया का पालन नहीं किया। पुलिस आयुक्त ने कहा कि अगर मेडिकल रिपोर्ट में यह सामने आता है कि शिवम ड्राइव करने के लिए फिट नहीं थे, तो परिवहन विभाग की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
पहले भी जांच के घेरे में रहा परिवार
मिश्रा परिवार इससे पहले भी चर्चा में आ चुका है। मार्च 2024 में आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान इस कारोबारी समूह से जुड़ी जगहों से कई लग्जरी गाड़ियां और नकदी बरामद हुई थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और मेडिकल तथा फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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