कौन है Baal? एपस्टीन फाइल्स में नया खुलासा, सोशल मीडिया पर ‘बलि’ के दावों से मचा हड़कंप; क्या है सच्चाई?

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जेफ्री एपस्टीन (epstein files) से जुड़े दस्तावेज़ों का अंतिम हिस्सा अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी किए जाने के बाद एक बार फिर नए दावे और अटकलें सामने आने लगी हैं। इन फाइल्स में एक बैंक ट्रांसफर से जुड़ा दस्तावेज़ भी शामिल है, जिसमें 11,438 डॉलर ट्रांसफर करने का अनुरोध किया गया है। इस दस्तावेज़ में खाते के नाम के आगे “Baal name” और “Wachovia Bank, N.A.” लिखा हुआ दिखाई देता है।

इसी शब्द ‘Baal’ को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई तरह के दावे किए जाने लगे। कुछ यूज़र्स ने इसे ‘शैतानी पूजा’ और ‘मानव बलि’ से जोड़ते हुए साजिश से जुड़ी थ्योरी फैलानी शुरू कर दी। कुछ पोस्ट में दावा किया गया कि प्राचीन काल में ‘बाल’ नामक देवता को खुश करने के लिए बच्चों की बलि दी जाती थी और एपस्टीन के नेटवर्क से इसे जोड़ने की कोशिश की गई।

हालांकि, इन दावों के समर्थन में कोई आधिकारिक या प्रमाणित सबूत सामने नहीं आया है। अधिकांश पोस्ट अप्रमाणित प्रोफाइल्स से किए गए हैं और इनमें दिए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हो पाई है।

एपस्टीन का धर्म और ‘Baal’ पर सवाल
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने एपस्टीन के धर्म को लेकर भी सवाल उठाए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जेफ्री एपस्टीन का जन्म यहूदी माता-पिता के घर हुआ था। हालांकि, ‘Baal’ शब्द के उल्लेख के बाद कई लोगों ने इसके अर्थ और संदर्भ को लेकर चर्चा शुरू कर दी।

आखिर कौन है ‘Baal’?
इतिहास के अनुसार, ‘Baal’ मूल रूप से कोई दानव नहीं था, बल्कि मध्य-पूर्व का एक प्राचीन देवता माना जाता था। हिब्रू भाषा में ‘Baal’ का अर्थ ‘स्वामी’ या ‘प्रभु’ होता है। कनानी सभ्यता में उसे वर्षा और उर्वरता का देवता माना जाता था।बाइबिल के ओल्ड टेस्टामेंट में ‘Baal’ को इस्राएलियों के ईश्वर ‘याहवेह’ के प्रतिद्वंद्वी के रूप में दर्शाया गया है। कुछ ऐतिहासिक कथाओं में यह भी उल्लेख मिलता है कि प्राचीन काल में कुछ समूहों द्वारा बलि जैसी प्रथाएं अपनाई जाती थीं, लेकिन इन दावों को लेकर इतिहासकारों में मतभेद हैं।

कई विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज़ में ‘Baal name’ संभवतः टाइपिंग की गलती हो सकती है और असल शब्द ‘Bank name’ रहा हो। दस्तावेज़ में बैंक शाखा का जिक्र भी उसी पंक्ति में है, जिससे यह संभावना मजबूत होती है कि यह कोई तकनीकी त्रुटि हो सकती है।

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एपस्टीन फाइल्स क्या हैं?
एपस्टीन फाइल्स उन दस्तावेज़ों, ईमेल्स, कॉन्टैक्ट लिस्ट, फ्लाइट लॉग्स, गवाही और कोर्ट रिकॉर्ड्स का संग्रह है जो अमेरिकी कारोबारी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामलों में सामने आए। एपस्टीन पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और सेक्स ट्रैफिकिंग का आरोप था। 2019 में गिरफ्तारी के बाद जेल में उसकी मौत हो गई, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया गया, लेकिन इस पर भी विवाद रहा। इन फाइल्स में उसके संपर्कों, उसके निजी जेट (जिसे मीडिया में “लोलिता एक्सप्रेस” कहा गया), और उसके प्राइवेट आइलैंड से जुड़ी जानकारी शामिल है।

ये फाइल्स चर्चा में क्यों हैं? हाल ही में अमेरिकी न्याय विभाग और अदालतों ने एपस्टीन से जुड़े कई दस्तावेज़ सार्वजनिक किए हैं।
इनमें:

  • हाई-प्रोफाइल लोगों के नाम
  • फ्लाइट रिकॉर्ड
  • पीड़ितों की गवाही
  • बैंकिंग और संपर्क विवरण

किन-किन लोगों के नाम सामने आए? ध्यान देने वाली बात यह है कि किसी का नाम फाइल में होना, अपराध साबित होने के बराबर नहीं है। कई नाम सिर्फ संपर्क सूची या फ्लाइट लॉग में होने के कारण सामने आए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन हाई-प्रोफाइल नामों का जिक्र हुआ है, उनमें शामिल हैं:

  • डोनाल्ड ट्रंप (अमेरिका राष्ट्रपति)
  • बिल क्लिंटन (पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति)
  • प्रिंस एंड्रयू (ब्रिटेन के शाही परिवार के सदस्य)
  • बिल गेट्स (माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक)
  • एलन डर्शोविट्ज़ (प्रसिद्ध वकील)
  • कुछ अन्य कारोबारी और राजनेता

इनमें से कुछ लोगों ने एपस्टीन से संबंध या मुलाकात स्वीकार की है, लेकिन किसी भी गैरकानूनी गतिविधि से इनकार किया है। प्रिंस एंड्रयू पर एक सिविल केस हुआ था, जिसे बाद में कोर्ट के बाहर समझौते से निपटाया गया। बता दें, इन फाइल्स में भारत के पीएम मोदी, अनिल अंबानी, हरदीप पुरी, मीरा नायर, दीपक चोपड़ा आदि के नाम शामिल है हालांकि अमेरिकी कोर्ट दस्तावेज़ों और जांच रिकॉर्ड में किसी बड़े भारतीय राजनेता या उद्योगपति पर आपराधिक आरोप तय होने की पुष्टि नहीं हुई है।

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