नई दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit के एक्सपो एरिया में लगे स्टॉल को लेकर विवाद खड़ा होने के बाद Galgotias University को अपना स्टॉल खाली करने के लिए कहा गया। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई उस समय की गई जब एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि एक रोबोटिक डॉग को अपने संस्थान में विकसित उत्पाद के रूप में पेश करते नजर आए।
क्या है पूरा मामला?
ग्रेटर नोएडा स्थित Galgotias University ने समिट में एक रोबोटिक डॉग को “Orion” नाम से प्रदर्शित किया था। दावा किया गया कि यह मशीन विश्वविद्यालय के Centre of Excellence में विकसित की गई है। वायरल वीडियो में एक महिला प्रतिनिधि मीडिया से बातचीत के दौरान रोबोट की विशेषताएं बताते हुए इसे विश्वविद्यालय द्वारा तैयार किया गया उत्पाद बता रही थीं।
एक अन्य वीडियो में विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर ने भी इसी तरह का दावा किया और कहा कि रोबोट को Centre of Excellence में ही बनाया गया है।
असलियत क्या निकली?
बाद में सोशल मीडिया यूज़र्स ने पहचान की कि यह रोबोट दरअसल Unitree Robotics द्वारा निर्मित “Unitree Go2” मॉडल है। यह एक कमर्शियल रोबोटिक डॉग है, जो पहले से बाजार में उपलब्ध है। भारत में इसकी ऑनलाइन कीमत लगभग 2 लाख से 3 लाख रुपये के बीच बताई जाती है।
इसके बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने विश्वविद्यालय पर विदेशी तकनीक को अपनी इन-हाउस इनोवेशन बताने का आरोप लगाया।
— Galgotias University (@GalgotiasGU) February 17, 2026
गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने वायरल वीडियो पर क्या दी सफाई
वीडियो वायरल होने के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने कहा- हमने लगातार कैंपस में बेहतरीन टेक्नोलॉजी लाने की कोशिश की है। क्यों? क्योंकि जब छात्र नई चीजें देखते हैं, तभी उनकी सोच विकसित होती है। और यही सोच नए रचनाकारों को जन्म देती है।
हाल ही में यूनिट्री से लिया गया रोबोटिक डॉग इसी सफर का एक हिस्सा है। यह सिर्फ दिखाने के लिए रखी गई कोई मशीन नहीं है, यह एक चलता-फिरता क्लासरूम है। हमारे छात्र इस पर प्रयोग कर रहे हैं, इसकी क्षमताओं को परख रहे हैं और इस प्रक्रिया में अपना ज्ञान बढ़ा रहे हैं।
हम यह साफ कर देना चाहते हैं कि गलगोटिया ने यह रोबोटिक डॉग नहीं बनाया है और न ही हमने कभी ऐसा दावा किया है। लेकिन हम ऐसे दिमाग तैयार कर रहे हैं जो जल्द ही भारत में ऐसी ही टेक्नोलॉजी को डिजाइन करेंगे, उनकी इंजीनियरिंग करेंगे और उन्हें यहीं बनाएंगे।
इनोवेशन की कोई सीमा नहीं होती। सीखने की भी नहीं होनी चाहिए। हम दुनियाभर से बेहतरीन टेक्नोलॉजी लाना जारी रखेंगे ताकि हमारे छात्र उनका अध्ययन कर सकें, उन्हें चुनौती दे सकें और उनमें सुधार कर सकें और अंत में भारत से दुनिया के लिए वर्ल्ड-क्लास समाधान तैयार कर सकें।
विवाद के बाद कार्रवाई
वीडियो के वायरल होने और विवाद बढ़ने के बाद आयोजकों ने विश्वविद्यालय को एक्सपो क्षेत्र से अपना स्टॉल हटाने के लिए कहा। इस घटना ने टेक्नोलॉजी और शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और मौलिक शोध के दावों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
क्या है यूनिट्री Go2 रोबोटिक डॉग
- यूनिट्री Go2 चीन की यूनिट्री रोबोटिक्स कंपनी द्वारा बनाया गया एक एआई-पावर्ड रोबोटिक डॉग है, जो अपनी फुर्ती और एडवांस सेंसर्स के लिए दुनियाभर में मशहूर है।
- इसमें 4D LiDAR तकनीक का इस्तेमाल हुआ है, जिसकी मदद से यह सीढ़ियां चढ़ने, ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर चलने और अपने रास्ते में आने वाली बाधाओं को पहचानता है।
- लगभग 2 से 3 लाख रुपए की कीमत वाला यह रोबोट वॉयस कमांड पर भी काम करता है और मुख्य रूप से तकनीकी रिसर्च और शिक्षा के क्षेत्र में इस्तेमाल किया जाता है।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें। आप हमें फेसबुक, ट्विटर, इंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।




































