क्रॉस बॉर्डर टेरर यानी पाक समर्थित आतंकवाद और जिहादी तत्वों का मुकाबला करने के लिए भारत सरकार ने नई नीति बनाई है। जिसका नाम प्रहार (PRAHAAR) रखा गया है। भारत सरकार ने सोमवार को अपनी पहली एंटी-टेरर पॉलिसी ‘PRAHAAR’ के बारे खुलकर जानकारी दी। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) की ओर से इसे लॉन्च किया गया है।
आठ पेज की इस नीति में आतंकी हमलों को रोकने पर खास जोर दिया गया है। साथ ही खतरे के मुताबिक तेज और संतुलित कार्रवाई की बात कही गई है। इसमें सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
इसमें पूरी सरकार और पूरे समाज की भागीदारी वाला तरीका अपनाने की बात कही गई है, जो मानवाधिकार और कानून के शासन पर आधारित होगा। साथ ही कट्टरपंथ जैसे हालात को खत्म करने पर भी ध्यान होगा जो आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं।
नीति में भारत की जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई गई है। इसमें कहा गया है कि आतंकवाद को किसी भी धार्मिक, जातीय या वैचारिक आधार पर सही नहीं ठहराया जा सकता। भारत हर तरह के आतंकवाद की हमेशा कड़ी निंदा करता रहा है।

प्रहार में सरकार ने कहा है कि भारत को पानी, जमीन और हवा—तीनों मोर्चों पर आतंकी खतरे का सामना है। सीमा सुरक्षा बल आधुनिक तकनीक और उपकरणों से लैस हैं। बिजली, रेलवे, विमानन, बंदरगाह, रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे अहम क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए क्षमता बढ़ाई गई है।
यह नीति ऐसे समय आई है जब भारत लंबे समय से सीमा पार प्रायोजित आतंकवाद से प्रभावित रहा है। नीति में अल-कायदा और ISIS जैसे वैश्विक आतंकी संगठनों के खतरे का भी जिक्र है। इसमें एन्क्रिप्शन, डार्क वेब और क्रिप्टो वॉलेट जैसी तकनीकों को भी चुनौती बताया गया है।
इसमें कहा गया है कि CBRNED (रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल, परमाणु, विस्फोटक और डिजिटल) सामग्री तक पहुंच रोकना अभी भी बड़ी चुनौती है।
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