गोसेवा, भक्ति और संस्कार का संगम बना पाँच दिवसीय आयोजन
हनुमानगढ़ टाउन की फाटक गौशाला, बरकत कॉलोनी, भटने दुर्ग के समीप गोमाता के पावन सानिध्य में पहली बार श्री खाटू श्याम बाबा जी की सत्य स्कंदपुराणोक्त कथा का भावपूर्ण आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पाँच दिवसीय इस धार्मिक आयोजन का समापन श्रद्धा, भक्ति और गोसेवा के संदेश के साथ हुआ। कथा के अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जिन्होंने भक्तिरस में सराबोर होकर कथा श्रवण किया। कथा के शुभारंभ से पूर्व विधिवत पूजा-अर्चना की गई। पंडित रामनारायण शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कथा का विधिवत आरंभ कराया। आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए फाटक गौशाला के अध्यक्ष मुरलीधर अग्रवाल ने बताया कि गौशाला में बीमार, दुर्घटनाग्रस्त एवं असहाय गोवंश के बेहतर स्वास्थ्य, सेवा और संरक्षण के उद्देश्य से इस कथा का आयोजन किया गया, ताकि धर्म के माध्यम से समाज को गोसेवा के लिए प्रेरित किया जा सके। कथा के पाँचवे एवं समापन दिवस पर प्रसिद्ध कथा व्यास के. पी. लाटा ने अपनी ओजस्वी, भावपूर्ण और भक्तिरस से परिपूर्ण वाणी से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। व्यास जी ने “लखदातार” की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि बाबा लाखों में देने वाले हैं, किंतु वे भक्त की सच्ची भावना और श्रद्धा को देखकर कृपा करते हैं। उन्होंने निशान यात्रा के नियमों के साथ-साथ गोसेवा के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। व्यास जी ने बताया कि गोमाता को घर की जूठी या बासी रोटी नहीं खिलानी चाहिए, बल्कि ताजी रोटी और गुड़ खिलाने से घर में प्रेम, सौहार्द बना रहता है और लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिदिन माता-पिता को प्रणाम करना सबसे उत्तम सेवा है, जिससे परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। कथा के समापन अवसर पर गौशाला समिति के पदाधिकारियों द्वारा कथा वाचक के. पी. लाटा का शाल ओढ़ाकर एवं गोमाता की स्मृति भेंट कर सम्मान व धन्यवाद किया गया। समिति के सचिव नरोत्तम सिंगला ने सभी धर्मप्रेमी जनता एवं शहर के दानदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी का धन्यवाद किया।
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