जिला परिषद कार्यालय पर प्रदर्शन, समस्याओं को लेकर सीईओ को सौंपा ज्ञापन

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हनुमानगढ़। पिछले तीन दिनों से हाजिरी दर्ज नहीं होने से नाराज मनरेगा मजदूरों ने गुरुवार को अखिल भारतीय राजस्थान खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के बैनर तले जिला परिषद कार्यालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और जल्द समाधान की मांग की।
यूनियन के प्रतिनिधि रघुवीर वर्मा ने बताया कि सरकार की ओर से जारी किए गए नए एप में तकनीकी खामियों के कारण प्रदेश के करीब छह लाख तथा हनुमानगढ़ जिले के लगभग 37 हजार मजदूरों की हाजिरी दर्ज नहीं हो पा रही है। इसके चलते मजदूरों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिले के हजारों मजदूर पिछले तीन दिनों से मनरेगा कार्यस्थलों पर काम करने के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन एप में आ रही तकनीकी दिक्कतों के कारण उनकी उपस्थिति दर्ज नहीं हो पा रही है।
उन्होंने बताया कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो जिले के मजदूरों को करीब 30 करोड़ रुपए से अधिक के मानदेय का नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि नए कानून जी राम जी पर भारतीय जनता पार्टी के नेता जो प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे वह अब चुप क्यों है अब मजदूरों की दिक्कत उन्हें दिखाई नहीं दे रही है यह मनरेगा को बंद करने की एक साजिश है मजदूरों का रोजगार छीन्न की एक साजिश है जिसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे यूनियन के जिला सचिव पहलाद बहलोलनगर ने इसे गरीब और जरूरतमंद मजदूरों के साथ अन्याय बताते हुए सरकार से तत्काल व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
उन्होंने बताया गया कि नए एप की शर्तों के कारण कई मजदूरों की हाजिरी दर्ज नहीं हो पा रही है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी मजदूर की एक आंख का ऑपरेशन हुआ है या चेहरे से संबंधित कोई तकनीकी समस्या है तो एप उसे पहचान नहीं पा रहा और उसकी उपस्थिति दर्ज नहीं हो रही। इससे मजदूरों को काम करने के बावजूद मजदूरी मिलने में दिक्कत आ रही है।

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