स्वीकृत आम रास्ता बंद होने से किसानों की बढ़ी परेशानी

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-ग्रामीणों ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर ( ADM) से की वार्ता, 20 अप्रैल से पहले रास्ता खुलवाने का दिया लिखित आश्वासन
हनुमानगढ़। 
तहसील क्षेत्र के चक 14 एमएमके और 15 एमएमके के किसानों ने स्वीकृत आम रास्ता बंद किए जाने के विरोध में प्रशासन से गुहार लगाई है। किसानों का कहना है कि लंबे समय से उपयोग में आ रहा स्वीकृत रास्ता कुछ काश्तकारों द्वारा निजी हितों के चलते बंद कर दिया गया है, जिससे खेतों तक आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को ग्रामीणों ने इस संबंध में ADM से वार्ता की, जिस पर प्रशासन ने 20 अप्रैल से पहले रास्ता खुलवाने का लिखित आश्वासन दिया है।
ग्रामीणों ने बताया कि वे चक 14 एमएमके और 15 एमएमके के काश्तकार हैं और खेती ही उनका मुख्य जीविकोपार्जन का साधन है। प्रार्थीगण की कृषि भूमि तहसील हनुमानगढ़ के गिरदावर हल्का व पटवार हल्का धोलीपाल क्षेत्र में स्थित है। किसानों के अनुसार खाता संख्या 32/12 के अंतर्गत पत्थर नंबर 112/198 मुरब्बा नंबर 36 किला नंबर 25/2 सहित अन्य कई किलों में स्वीकृत आम रास्ता दर्ज है, जो लगभग 40-50 वर्षों से अधिक समय से उपयोग में लिया जा रहा है।
किसानों का आरोप है कि हाल ही में चक के कुछ काश्तकारों ने निजी हितों की पूर्ति के लिए इस स्वीकृत रास्ते को जबरदस्ती बंद कर दिया है। इसके कारण चक 14 एमएमके और 15 एमएमके के किसानों का अपने खेतों तक आवागमन बाधित हो गया है। मजबूरन किसानों को अपनी कृषि भूमि तक पहुंचने के लिए अस्थायी और लंबे रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे समय और श्रम दोनों की अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी इस समस्या को लेकर 12 जनवरी 2026 को तहसीलदार हनुमानगढ़ को प्रार्थना पत्र दिया गया था। उस समय प्रशासन की ओर से केवल रास्ते की निशानदेही की कार्यवाही की गई थी, लेकिन आज तक रास्ता खुलवाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
समस्या के समाधान के लिए सोमवार को ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल एडीएम  से मिला और पूरी स्थिति से अवगत कराया। इस पर एडीएम ने किसानों को लिखित रूप में आश्वासन दिया कि 20 अप्रैल से पहले, फसल कटाई के बाद स्वीकृत आम रास्ते को खुलवाने की कार्रवाई कर दी जाएगी।
प्रशासन के इस आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और उम्मीद जताई कि जल्द ही रास्ता खुलने से किसानों को राहत मिलेगी और वे बिना किसी बाधा के अपने खेतों तक आ-जा सकेंगे।इस दौरान ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल में कुलविंदर ढिल्लों, राजू बदजाति, लखवीर सिद्धू, सतीश मूंड, रामरतन माली, हंसराज नायक और हेतराम कूकणा सहित अन्य काश्तकार मौजूद रहे

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