हनुमानगढ़। राजस्थान राजस्व सेवा परिषद द्वारा मुख्यमंत्री राजस्थान के समक्ष 4 अक्टूम्बर 2021 को मुख्यमंत्री आवास सीएमआर में राजस्व सेवा परिषद् के साथ प्रमुख बिन्दुओं पर सहमति/वचनबद्धता/ प्रतिबद्धता हुई जिसमें वरिष्ठ वेतन श्रृंखला एवं पद सृजन, नवीन पद सृजित किये जाना, तहसीलदार / नायब तहसीलदार के समस्त रिक्त पदों को भरा जाना, कोटा सम्भाग व सवाई माधोपुर जिले के राजस्व कार्मिकों के ईओएल को पीएम में परिवर्तन बाबत, पटवारी / भू-अभिलेख निरीक्षक के लिये स्पष्ट स्थानान्तरण नीति सहित अन्य बिन्दुओं पर निर्णय हेतु गठित कमेटी की मात्र दो बैठके हुई है। जिनमें किसी प्रकार का निर्णय विभाग द्वारा नहीं लिया गया है तथा न ही बैठक कार्यवाही राजस्व परिषद् से सांझा की गई है। राजस्व सेवा परिषद् के साथ आपके समझौता वायदे के अन्य सहमति के बिन्दुओं की अनुपालना आज दिनांक अपेक्षित है जो कि तहसीलदार सेवा परिषद्, कानूनगों संघ, पटवार संघ के न्यायोचित हितों से संबद्ध है। लगभग 140 दिवस पश्चात् भी अनुपालना नहीं होने से राजस्व कार्मिकों / अधिकारियों में असन्तोष व नकारात्मकता बढ़ रही है। इस नकारात्मकता के चलते राजस्थान राजस्व सेवा परिषद द्वारा मजबूर 21.02.2022 को पूरे प्रदेशभर में पेन डाउन कर सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जायेगा और दिनांक 24.02.2022 को प्रदेश भर के राजस्थान राजस्व सेवा परिषद के सदस्य, राजस्व मण्डल राजस्थान, अजमेर के समक्ष धरना देंगे। वर्तमान समय में राजस्थान में तहसीलदार संवर्ग के कुल स्वीकृत पद 701 है तथा कार्यरत 268 है, जो तहसीलदार संवर्ग का केवल मात्र 38 प्रतिशत ही है। इसी प्रकार नायब तहसीलदार संवर्ग के 1019 पदों के विरूद्ध 355 नायब तहसीलदार ही कार्यरत है जो केवल मात्र 35 प्रतिशत ही है। तहसीलदार संवर्ग के 62 प्रतिशत पद एवं नायब तहसीलदार संवर्ग के 65 प्रतिशत पद रिक्त होने से आमजन गांव, गरीब व किसानों के कार्य में विलम्ब होने से सरकार की साख पर नकारात्मक प्रभाव भी दिखाई देने लगा है।
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