हनुमानगढ़, 1 जून। स्थानीय गुरुद्वारा शहीद बाबा दीप सिंह जी में रविवार को पंजवी पातशाही धन धन गुरु अर्जुनदेव जी के शहीदी दिवस को समर्पित एक भावपूर्ण और आध्यात्मिक वातावरण में गुरमत समागम का आयोजन किया गया। यह आयोजन संगत के लिए अत्यंत श्रद्धा, सेवा और भक्ति से परिपूर्ण रहा। समागम की शुरुआत प्रातः श्री सुखमणी साहिब के पाठों के भोग से हुई, जो पिछले 40 दिनों से निरंतर चल रहे थे। इन पाठों का उद्देश्य क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए अरदास करना था। महिलाओं के जत्थों द्वारा प्रतिदिन श्रद्धा और समर्पण के साथ पाठ किए जा रहे थे। आज इनका विधिवत पाठों के भोग डाले गये। इसके पश्चात हुए मुख्य गुरमत समागम में प्रसिद्ध रागी ज्ञानी भाई ओंकार सिंह खालसा ने शबद कीर्तन के माध्यम से संगत को निहाल किया। उनके भावपूर्ण कीर्तन ने वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। उन्होंने गुरु अर्जुनदेव जी के बलिदान और उनके जीवन से जुड़ी शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए संगत को उनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी। गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के प्रधान सरदार जरनैल सिंह मुत्ती ने इस अवसर पर सभी श्रद्धालुओं का धन्यवाद ज्ञापित किया और समागम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सेवादारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में एकता, भाईचारा और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। मास्टर सुरेन्द्र सिंह ने जानकारी दी कि पिछले चालीस दिनों से संगत विशेष रूप से महिलाओं ने पूरे समर्पण के साथ पाठ सेवा निभाई। उन्होंने इसे क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक पहल बताया और संगत का आभार जताया। समागम के समापन पर संगत के लिए गुरु का अटूट लंगर बरताया गया, ठण्डे मीठे जल की छबील लगाई गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और सेवा का लाभ उठाया।
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