हनुमानगढ़। वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को तीसरे दिन जंक्शन स्थित गोविन्द गौधाम गौशाला में एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जल संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक किया गया एवं केंद्र व राज्य सरकार की मंशा को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया गया। कार्यशाला के उपरांत सहभागियों ने मिलकर गौशाला परिसर की सफाई की एवं स्वच्छता का संदेश दिया। इसके पश्चात गौमाताओं को हरा चारा अर्पित कर सेवा भाव प्रकट किया गया। इस दौरान उपखण्ड अधिकारी मांगीलाल सुथार ने कहा कि जल एक अमूल्य धरोहर है, जिसकी रक्षा करना हम सबका नैतिक दायित्व है। अगर आज हम जल बचाने के उपाय नहीं अपनाएंगे तो आने वाली पीढ़ियों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। वक्ताओं ने पुराने समय की परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले वर्षा जल को संरक्षित करने के लिए कुंड, बावड़ी और तालाबों का निर्माण किया जाता था, जिससे पूरे साल पेयजल की समस्या नहीं आती थी। ऐसे परंपरागत तरीकों को पुनर्जीवित करने की जरूरत है ताकि भूजल स्तर को बनाए रखा जा सके। इस अभियान के माध्यम से आमजन को यह संदेश दिया गया कि जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। छोटे-छोटे प्रयास जैसे वर्षा जल संचयन, टपक सिंचाई पद्धति अपनाना एवं जल के दुरुपयोग से बचना, जल संकट की समस्या को काफी हद तक कम कर सकते हैं। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ताओं, गौसेवकों, युवाओं व स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया और जल संरक्षण की शपथ ली। अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए यह संकल्प दोहराया कि जल है तो कल है, और इसकी रक्षा हेतु हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
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