हनुमानगढ़ की बेटी मिलनमीत ने राष्ट्रीय डेफ जुडो चैंपियनशिप में जीता रजत पदक

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– एशिया पेसिफिक में स्वर्ण व कांस्य के बाद अब लक्ष्य ओलंपिक पदक
हनुमानगढ़।
 जिले की बेटी मिलनमीत कौर ने एक बार फिर हनुमानगढ़ ही नहीं, पूरे राजस्थान को गर्व का अवसर प्रदान किया है। कानपुर में आयोजित 27वीं राष्ट्रीय डेफ जुडो चैंपियनशिप में मिलनमीत ने 48 किलोग्राम भार वर्ग की स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल (रजत पदक) अपने नाम किया। मिलनमीत की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सोमवार को सीओ सिटी मीनाक्षी ने उनका भव्य स्वागत कर उनका उत्साहवर्धन किया।
गौरतलब है कि मिलनमीत कौर इससे पूर्व मई 2024 में आयोजित 10वें एशिया पेसिफिक डेफ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण और कांस्य पदक जीत चुकी हैं। एक के बाद एक मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाली मिलनमीत मूकबधिर होते हुए भी दृढ़ संकल्प, कठिन परिश्रम और जुनून की मिसाल बन चुकी हैं।
मिलनमीत के जूडो कोच विनीत बिश्नोई ने बताया कि मिलनमीत की यह सफलता उसके आत्मविश्वास और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा, “मूकबधिरता कोई कमजोरी नहीं बल्कि प्रेरणा बन सकती है, यह मिलनमीत ने कर दिखाया है। उसकी मेहनत, लगन और समर्पण ने उसे इस मुकाम तक पहुंचाया है। अब उसका लक्ष्य ओलंपिक पदक है और हमें न केवल आशा बल्कि पूर्ण विश्वास है कि वह वहां भी देश का नाम रोशन करेगी।”
सीओ सिटी मीनाक्षी ने कहा, “मिलनमीत जैसी बेटियां समाज के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि सीमाएं केवल सोच की होती हैं, अगर हौसला बुलंद हो तो कोई भी बाधा मंजिल का रास्ता नहीं रोक सकती।” उन्होंने मिलनमीत को आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दी और जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
कोच विनीत बिश्नोई ने बताया कि मिलनमीत की यह उपलब्धि न केवल खेल जगत में बल्कि सामाजिक स्तर पर भी एक सशक्त संदेश देती है कि कोई भी बाधा सफलता की राह में दीवार नहीं बन सकती।

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