16 जुलाई, 2025 को ओडिशा विधानसभा (odisha soumyashree News) के बाहर का दृश्य एक सामान्य मानसूनी सुबह से बिल्कुल अलग था। चारों ओर नारों की गूंज थी, हाथों में पोस्टर थे और बैरिकेड्स के उस पार खड़ी पुलिस वाटर कैनन चलाने को तैयार थी। कारण? बालासोर की 20 वर्षीय छात्रा सौम्या श्री (odisha soumyashree News) बीसी की आत्मदाह के बाद हुई मौत, जिसने राज्य भर में रोष और राजनीतिक उबाल ला दिया है।
विरोध कर रहे लोगों में छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की बड़ी संख्या शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि यौन शोषण के आरोपी प्रोफेसर को सख्त सजा मिले और कॉलेज प्रशासन की भूमिका की भी जांच की जाए
छात्रा की मौत के बाद से ही बालासोर और भुवनेश्वर दोनों जिले राजनीतिक विरोध और जनआक्रोश का केंद्र बन गए। BJD, कांग्रेस और अन्य दलों ने विधानसभा घेराव किया, टायर जलाए गए, रास्ता रोका गया और पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। दर्जनों कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए। बालासोर ज़िले में एक दिन का बंद भी बुलाया गया।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर इस घटना को “सिस्टम द्वारा रची गई हत्या” कहा, जबकि भाजपा और राज्य सरकार पर पीड़िता को न्याय न देने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को इस्तीफे की मांग का सामना करना पड़ा।
#WATCH | Bhubaneswar, Odisha | Police detain the BJD workers who are protesting over the Balasore student’s death by self-immolation.
Biju Janata Dal is also observing a Balasore bandh in protest over a Balasore student’s death by self-immolation. pic.twitter.com/5HTZIETJ0q
— ANI (@ANI) July 16, 2025
प्रदर्शनकारियों की क्या है मांग?
मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी पहले ही इस मामले की उच्च स्तरीय जांच और पीड़िता के परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान कर चुके हैं, लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सिर्फ मुआवजे से न्याय नहीं मिलेगा। वे आरोपी की गिरफ्तारी के साथ कॉलेज प्रशासन पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं साथ ही मुआवजा बढ़ाने की भी मांग है।
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क्या है मामला?
बालासोर के FM Autonomous College की छात्रा सौम्या श्री ने 12 जुलाई को कॉलेज परिसर में खुद को आग लगा ली थी। गंभीर रूप से जलने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां 14 जुलाई को उन्होंने दम तोड़ दिया। छात्रा ने कथित रूप से यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी, लेकिन आरोप है कि कॉलेज प्रशासन और आंतरिक शिकायत समिति (ICC) ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। सौम्या श्री की मौत के बाद यह सवाल गूंज रहा है- क्या यह आत्महत्या थी या सिस्टम की विफलता के कारण एक संस्थागत हत्या?
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