Kishtwar cloudburst: धराली के बाद अब किश्तवाड़ में बादल फटा, 42 मौत, 200 से ज्यादा लापता

406

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ (Kishtwar cloudburst) में बड़ी तबाही आई है। उत्तराखंड के धराली के बाद अब जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने से आपदा आई है। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में गुरुवार दोपहर 12:30 बजे बादल फटा। कई लोग पहाड़ से आए पानी और मलबे की चपेट में आ गए।

हादसे में अब तक 42 लोगों की मौत हो गई है। अब तक 65 लोगों को बचाया गया है। करीब 200 से ज्यादा लोग लापता हैं।

बादल फटने की घटना किश्तवाड़ जिले में पड्डर सब-डिवीजन के चशोटी गांव में हुई। चशोटी मचैल माता मंदिर यात्रा का शुरुआती पॉइंट है। यहां धार्मिक यात्रा के लिए जुटे कई लोग बह गए। राहत बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। स्थानीय लोग मदद में जुटे हैं।

ये भी पढ़े: तुरंत अरेस्ट करो… एक्टर दर्शन को लगा झटका, जानिए क्या है चर्चित रेणुकास्वामी हत्याकांड?

मचैल माता तीर्थयात्रा हर साल अगस्त में होती है। इसमें हजारों श्रद्धालु आते हैं। यह 25 जुलाई से 5 सितंबर तक चलेगी। यह रूट जम्मू से किश्तवाड़ तक 210 किमी लंबा है और इसमें पद्दर से चशोटी तक 19.5 किमी की सड़क पर गाड़ियां जा सकती हैं। उसके बाद मचैल तक 8.5 किमी की पैदल यात्रा होती है।

पंचदूत अब व्हाट्सएप चैनल पर उपलब्ध है। लिंक पर क्लिक करें और अपने चैट पर पंचदूत की सभी ताज़ा खबरें पाएं।

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने की घटना के बाद गृह मंत्रालय भी एक्शन में है। गृह मंत्रालय ने 2 NDRF टीम को बचाव स्थल पर रवाना किया है। 90 सदस्यीय इस दल में बचाव दल के कर्मियों के अलावा तकनीकी दल के सदस्य भी शामिल हैं। मचैल माता मंदिर मार्ग पर यह बादल फटा। इसके बाद यात्रा को भी रोक दी गई है।

ताजा अपडेट्स के लिए आप पञ्चदूत मोबाइल ऐप डाउनलोड कर सकते हैं, ऐप को इंस्टॉल करने के लिए यहां क्लिक करें.. इसके अलावा आप हमें फेसबुकट्विटरइंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।