चीन के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने दुनिया का पहला ऐसा बोन ग्लू (Bone-2) विकसित कर लिया है, जो टूटी हुई हड्डियों को सिर्फ 3 मिनट में जोड़ने में सक्षम है। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह खोज मेडिकल साइंस के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकती है क्योंकि इसके इस्तेमाल से स्टील रॉड और स्क्रू जैसे मेटल इम्प्लांट्स की जरूरत खत्म हो जाएगी।
क्या है Bone-2 ग्लू?
ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह ग्लू पूर्वी चीन के झेजियांग प्रांत में लिन जियानफेंग और उनकी रिसर्च टीम ने तैयार किया है। लिन झेजियांग यूनिवर्सिटी से जुड़े सर रन रन शॉ अस्पताल में ऑर्थोपेडिक सर्जन हैं। उनका कहना है कि यह बोन ग्लू खून से भरे हिस्से में भी मजबूती से चिपक जाता है और शरीर के लिए पूरी तरह बायोसेफ है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसकी आसंजन क्षमता (Adhesion Strength) 200 किलो से ज्यादा है। यानी यह हड्डी को मजबूती से जोड़कर स्थिर कर देता है।
150 से ज्यादा मरीजों पर सफल परीक्षण
अब तक इस बोन ग्लू को 150 से अधिक मरीजों पर आजमाया जा चुका है और नतीजे सफल रहे हैं। जहां पारंपरिक सर्जरी में बड़ी चीरे की जरूरत पड़ती है और मेटल इम्प्लांट्स शरीर में स्थायी रूप से लगे रहते हैं, वहीं यह ग्लू 6 महीने में अपने आप शरीर में घुल जाता है। यानी मरीज को दूसरी सर्जरी की तकलीफ से भी छुटकारा मिल सकता है।

कैसे आया आइडिया?
लिन जियानफेंग को यह आइडिया समुद्र में मौजूद सीपों (Oysters/Mussels) से मिला। उन्होंने देखा कि सीपें पानी के अंदर चट्टानों से मजबूती से चिपकी रहती हैं। सीप एक खास तरह का चिपचिपा पदार्थ बनाती हैं, जिससे वे पानी के बहाव के बावजूद अपनी जगह मजबूती से टिक जाती हैं। इसी से प्रेरणा लेकर उन्होंने खून से भरे वातावरण में हड्डियों को जोड़ने वाला ग्लू बनाने की दिशा में काम किया।
लिन ने बताया कि 2016 में डॉक्टर के तौर पर काम करते समय उन्होंने देखा कि अनुभवी सर्जन भी टूटी हड्डियों को जोड़ने के लिए ऑपरेशन थिएटर में घंटों लगाते हैं, लेकिन परिणाम हमेशा बेहतर नहीं आते। यही वजह है कि उन्होंने ऐसा समाधान खोजने की ठानी, जिससे मरीज को जल्दी राहत मिल सके।
क्यों है ये खोज खास?
हर साल लाखों लोग हड्डी टूटने की समस्या से गुजरते हैं। पारंपरिक इलाज महंगा और दर्दनाक होता है, साथ ही मेटल इम्प्लांट्स से संक्रमण और दूसरी सर्जरी का खतरा भी रहता है। Bone-2 Glue इन सभी चुनौतियों का समाधान है, तेज़, सुरक्षित और बिना अतिरिक्त सर्जरी के।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें। आप हमें फेसबुक, ट्विटर, इंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।




































