कुर्सी की पेटी बांध लीजिए..वोट चोरी पर राहुल गांधी ने की दूसरी प्रेस कॉन्फेंस, हुए कई बड़े खुलासे ?

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कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi ) ने गुरुवार को ‘वोट चोरी पर’ दूसरी बार प्रेस कॉन्फेंस की। पहले उन्होंने 7 अगस्त को मीडिया से बात की थी। राहुल ने वोट चोरी के सबूतों पर कहा कि हाइड्रोजन बॉम्ब आ रहा है। ये एक और उदाहरण है वोट चोरी का। पिछली बार मैंने आपकी एडिशन का बताया था, आज डिलीशन का बताया है। ये सेंट्रेलेजाइजेशन, कॉल सेंटर के यूज से किए गए हैं। यह सब जानकारी पुख्ता सबूत के साथ बता रहे हैं। ECI के चीफ ज्ञानेश कुमार वोट चोरों की रक्षा कर रहे हैं।

राहुल प्रेजेंटेशन के जरिए वोट चोरी के आरोप लगाए और सबूत दिखाने का दावा किया। उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग जानबूझकर कांग्रेस के वोटों को निशाना बना रहा है और उनके नाम डिलीट कर रहा है।”

राहुल इस बार अपने साथ ऐसे वोटर्स को भी लेकर आए, जिनके नाम वोटर्स लिस्ट से डिलीट किए गए। भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार उन लोगों की रक्षा कर रहे हैं, जिन्होंने भारतीय लोकतंत्र को बर्बाद कर दिया है।

राहुल ने कहा, “मैं इस मंच से ऐसी कोई बात नहीं कहूंगा, जो 100 प्रतिशत सच नहीं है। मैं ऐसा इंसान हूं जो अपने देश से प्यार करता है, अपने संविधान से प्यार करता है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया से प्यार करता है और उसी प्रक्रिया की रक्षा कर रहा हूं। मैं यहां ऐसी कोई बात नहीं कहूंगा, जो 100 प्रतिशत सबूतों पर आधारित न हो और जिसे आप परख न सकें।”

 

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राहुल ने बताया कैसे हटाए गए वोटर्स

राहुल गांधी ने कहा, ‘आलंद कर्नाटक का एक विधानसभा क्षेत्र है। वहां किसी ने 6,018 वोट डिलीट करने की कोशिश की। हमें नहीं पता कि 2023 के चुनाव में कुल कितने वोट डिलीट किए गए, लेकिन यह संख्या 6,018 से कहीं ज्यादा थी। बस इतनी बात हुई कि इन 6,018 वोटों को डिलीट करते समय गलती से मामला पकड़ में आ गया। हुआ यूं कि वहां की एक बूथ-लेवल अधिकारी ने देखा कि उसके चाचा का वोट डिलीट हो गया है।

 

उसने जांच की कि उसके चाचा का वोट किसने डिलीट किया, तो पता चला कि पड़ोसी ने डिलीट किया है। जब उसने अपने पड़ोसी से पूछा तो उसने कहा कि मैंने कोई वोट डिलीट नहीं किया. यानी न तो जिस व्यक्ति ने वोट डिलीट किया और न ही जिसका वोट डिलीट हुआ- दोनों को इस बारे में कुछ पता था। असल में किसी और ताकत ने सिस्टम को हाईजैक करके ये वोट डिलीट किए थे।

सॉफ्टवेयर का किया गया इस्तेमाल
राहुल गांधी ने आगे कहा आयोग ने सॉफ्टवेयर की मदद से वोटर्स के नाम को हटाया गया है। मैं जो भी कह रहा हूं, मेरे पास उसके पुख्ता सबूत हैं। कांग्रेस के मजबूत बूथों को टारगेट किया गया है। अभी इसकी सीआईडी जांच चल रही है। सीआईडी ने चुनाव आयोग को 18 पत्र लिखे जा चुके हैं जिसमे डेस्टिनेशन IP, ओटीपी ट्रेल जैसी डिटेल मांगी गई लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

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फ़रवरी 2023 में FIR दर्ज की गई। मार्च 23 में कर्नाटक सीआईडी ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखी। तब से 18 बार पत्र लिखा जा चुका है लेकिन चुनाव आयोग ने जाँच अटकाया हुआ है। जांच अटका कर लोकतंत्र के हत्यारों को बचाने की कोशिश की जा रही है। इसी तरह महाराष्ट्र के राजौरा में बड़ी संख्या में फर्जी वोटर जोड़े गए। कर्नाटक में जिन लोगों के नाम हटाए गए उनके आवेदन के लिए कर्नाटक के बाहर का मोबाइल नंबर इस्तेमाल किया गया।

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