अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन

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-पूर्व में 10 बार ज्ञापन देने के बावजूद कार्रवाई न होने पर जताया रोष
हनुमानगढ़। तहसील हनुमानगढ़ के चक नम्बर 24 एल.एल.डब्ल्यू. बी. के ग्रामीणों ने बुधवार को जिला कलक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर स्वीकृत रास्ते से अतिक्रमण हटवाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में वे पिछले छह माह से लगातार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, किंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने बताया कि चक नम्बर 24 एल.एल.डब्ल्यू. बी. पत्थर नम्बर 66/222, 66/223 और 66/224 के विभिन्न किला नम्बरों में स्वीकृत सरकारी रास्ते पर कास्तकारों द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है। इस कारण ग्रामीणों के लिए आवागमन बाधित हो रहा है। इस विषय को लेकर 12 अगस्त 2025 को जनसुनवाई में भी उपस्थित होकर समस्या बताई गई थी। इसके अलावा राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर परिवाद संख्या 09250972417010 दर्ज करवाया गया तथा माननीय राष्ट्रपति महोदय तक भी लिखित में शिकायत भेजी गई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मामले की जांच के दौरान पटवारी हल्का की रिपोर्ट दिनांक 13 सितम्बर 2025 में भी रास्ते पर अतिक्रमण की पुष्टि हुई। इसी प्रकार सहायक अभियंता जल संसाधन उपखण्ड हनुमानगढ़ की रिपोर्ट 04 अगस्त 2025 तथा तहसीलदार की रिपोर्ट 05 मई 2025 में भी अतिक्रमण पाए जाने की बात स्पष्ट लिखी गई है। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों द्वारा अतिक्रमण हटाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीणों ने कहा कि अब तक वे 10 बार अलग-अलग जनसुनवाईयों व अधिकारियों को ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन केवल कागजी कार्रवाई कर उन्हें टाल दिया जाता है। इससे यह प्रतीत होता है कि संबंधित अधिकारी अतिक्रमण हटाने में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने जिला कलक्टर से मांग की कि स्वीकृत सरकारी रास्ते को अतिक्रमण मुक्त करवाकर आमजन को निर्बाध आवागमन का अधिकार दिलाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक रूप से उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे। इस मौके पर जिला परिषद डायरेक्टर मनीष मक्कासर, राजाराम, सुनील कुमार, शाहरूख रोड़ावाली, कृष्ण नैन, कृष्ण गोदारा, सुभाष खीचड़, सुरेंदर कस्वा, रजनीश कस्वा, भूपराज खीचड़ व अन्य पक्कासहारणा के ग्रामीण मौजूद थे।

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