ऋषभ शेट्टी की पीरियड फोक एक्शन थ्रिलर कांतारा चैप्टर 1 (Kantara Chapter 1) ने रिलीज़ के पहले ही दिन बॉक्स ऑफिस पर जोरदार शुरुआत की है। 2 अक्टूबर को रिलीज़ हुई इस फिल्म ने जबरदस्त एडवांस बुकिंग और पेड प्रीमियर शो के चलते अच्छी कमाई दर्ज की। सीमित पेड प्रीमियर होने के बावजूद दर्शकों से फिल्म को शानदार रिस्पॉन्स मिला।
फिल्म की सबसे ज्यादा तारीफ इसके टेक्निकल एक्सीलेंस और दिल दहला देने वाले क्लाइमैक्स की हो रही है। दर्शकों का कहना है कि कांतारा चैप्टर 1 पिछली फिल्म कांतारा (2022) से भी बड़ी और बेहतरीन साबित हुई है। बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने अपने पहले दिन करीब 15.17 करोड़ रुपये की कमाई की है। खासतौर पर कर्नाटक में फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है।
माना जा रहा है कि अगर इसी तरह रफ्तार बनी रही तो फिल्म राज्य में KGF चैप्टर 2 के ओपनिंग रिकॉर्ड्स को भी चुनौती दे सकती है। फिल्म की खास बात यह है कि यह सिर्फ कर्नाटक में ही नहीं, बल्कि हिंदी और कन्नड़ दोनों वर्जन में पूरे भारत में मजबूत ओपनिंग ले चुकी है। यही वजह है कि कांतारा चैप्टर 1 को एक असली Pan-India फिल्म कहा जा रहा है।
क्या है कहानी कांतारा चैप्टर 1
फिल्म की कहानी कर्नाटक के काल्पनिक गांव कांतारा और उसके आसपास के जंगलों पर घूमती है। गांववासी मानते हैं कि उनकी रक्षा ईश्वर के गण करते हैं, लेकिन गांव और जंगल की भूमि पर कब्जा करने की लालसा रखने वाला राजा और उसका पुत्र कुलसेखर इस शांति को चुनौती देते हैं। कुलसेखर की कांतारा के लोगों पर अत्याचार करता है। इस बीच, आदिवासी नेता बर्मे अपने साहस और रणनीति से कुलसेखर की योजना को नाकाम करता है, गुलिका अनुष्ठान से उसकी हत्या करता है।

कहानी यहीं खत्म नहीं होती, इसके बाद शुरू होता है छल और रणनीति का खेल। साथ ही, कनकवती (रुक्मिणी वसंत) की सरप्राइज एंट्री और जंगल के देवता पनजुरली की शक्ति कहानी में रोमांच और गहराई जोड़ते हैं। क्लाइमेक्स और अनुष्ठान के सीन दर्शकों को अंत तक बांधते हैं।
कन्नड़ वर्जन- रिकॉर्ड तोड़ ओपनिंग
- फिल्म ने अपने होम स्टेट कर्नाटक में बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त ओपनिंग की।
- पहले ही दिन दर्शकों की भारी भीड़ देखने को मिली और KGF Chapter 2 के रिकॉर्ड को टक्कर देने की चर्चाएं शुरू हो गईं।
- यहां क्रिटिक्स और ऑडियंस दोनों ने फिल्म की टेक्निकल क्वालिटी, बैकग्राउंड स्कोर और क्लाइमैक्स की खूब तारीफ की।
- लोककथाओं पर आधारित कहानी और ऋषभ शेट्टी का दमदार अभिनय फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण बना।
हिंदी वर्जन- डबिंग बनी बड़ी समस्या
- हिंदी डब वर्जन ने ओपनिंग तो ठीकठाक की, लेकिन समीक्षाओं में बंटा हुआ रिस्पॉन्स मिला।
- कई दर्शकों का कहना है कि डबिंग ने फिल्म की असली भावनाओं को कमजोर कर दिया।
- क्रिटिक्स का मानना है कि हिंदी दर्शकों के लिए फिल्म की पेसिंग स्लो लगती है और कहानी इंटरवल तक खिंचती हुई महसूस होती है।
- कुछ सीन पहले वाले कांतारा (2022) से मिलते-जुलते लगे, जिससे नया एक्सपीरियंस कमजोर पड़ गया।
रिव्यूज़ में अंतर
- कन्नड़ बेल्ट में ज्यादातर रिव्यूज़ 4 से 4.5 स्टार तक के रहे।
- वहीं हिंदी बेल्ट में रेटिंग्स 1 से 4.5 स्टार तक बंटी हुई हैं।
- सोशल मीडिया पर कन्नड़ दर्शकों ने फिल्म को “पीरियड फोक मास्टरपीस” बताया, जबकि हिंदी यूजर्स में कन्फ्यूजन साफ दिख रहा है।
क्यों है इतना फर्क?
- भाषा और डबिंग का असर- कन्नड़ में डायलॉग्स और कल्चर ऑथेंटिक लगते हैं, जबकि हिंदी में उनका असर फीका पड़ा।
- कल्चरल कनेक्ट- लोककथाओं और फोकलोर पर आधारित कहानी साउथ में लोगों को ज्यादा जोड़ती है।
- एक्सपेक्टेशंस- हिंदी बेल्ट में दर्शक KGF जैसी हाई-ऑक्टेन एक्शन फिल्मों की उम्मीद कर रहे थे, जबकि कांतारा ज्यादा फोक ड्रामा है।
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