24 बच्चों की मौत के बाद, जहरीला कफ सिरप बनाने वाली कंपनी का मालिक गिरफ्तार

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मध्य प्रदेश में बच्चों की मौत का कारण बने कोल्ड्रिफ कफ सिरप (cough syrup) बनाने वाली कंपनी श्रीसन फार्मा का डायरेक्टर गोविंदन रंगनाथन गिरफ्तार कर लिया गया है। कंपनी का मालिक पिछले काफी दिनों से फरार चल रहा था। उस पर 20 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। उधर, कफ सिरप पीने के बाद किडनी फेल होने से जान गंवाने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है।

शुरुआत में डॉक्टरों को लगा कि यह कोई वायरल संक्रमण है, लेकिन हालात तब बदल गए जब नागपुर के अस्पतालों ने लगातार बच्चों की किडनी फेल होने से मौत की जानकारी दी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने हरकत में आकर जांच शुरू की। 16 सितंबर को परसिया ब्लॉक में बच्चों के स्वास्थ्य की जांच शुरू की गई। 18 सितंबर को स्वास्थ्य निगरानी इकाई से मिली रिपोर्ट ने शक को और गहरा कर दिया। मौतों के पीछे किसी ज़हरीले तत्व की संभावना जताई गई।

राज्य मुख्यालय से तुरंत टीम भेजी गई और संदिग्ध कफ सिरप के सैंपल पुणे की लैब में जांच के लिए भेजे गए। रिपोर्ट में वायरल संक्रमण की संभावना को खारिज कर दिया गया। फिर 26 सितंबर को एक मृत बच्चे की बायोप्सी रिपोर्ट आई, जिसमें ‘एक्यूट ट्यूबलर इंजरी’ यानी किडनी को गंभीर नुकसान का खुलासा हुआ। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों के लक्षण बेहद तेज़ी से बिगड़ रहे थे, जो किसी रासायनिक ज़हर की ओर इशारा करते हैं।

कंपनी के मालिक ने 100 किलो जहरीला केमिकल खरीदा
इस बीच कोल्ड्रिफ सिरप की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। तमिलनाडु डायरेक्टर ऑफ ड्रग्स कंट्रोल की रिपोर्ट में सामने आया है कि यह सिरप नॉन फार्मास्यूटिकल ग्रेड केमिकल से तैयार किया गया था। जांच के दौरान कंपनी के मालिक ने मौखिक रूप से स्वीकार किया है कि उसने दो बार में प्रोपलीन ग्लायकॉल के 50 किलो के दो बैग खरीदे थे। यानी कंपनी ने 100 किलो जहरीला केमिकल खरीदा था। जांच में इसका न कोई बिल मिला है, न खरीद की एंट्री की गई। पूछताछ में जांच अधिकारियों को बताया गया कि भुगतान कभी कैश तो कभी G-Pay से किया था।

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इंदौर में जहरीली सिरप लिखी तो डॉक्टर पर होगी FIR
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने जहरीले कफ सिरप के मामले में अफसरों को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित ड्रग्स वाली कफ सिरप अगर किसी डॉक्टर ने लिखी तो एफआईआर दर्ज कर सीधे जेल भेजें देंगे। उन्होंने सीएमएचओ, फूड एंड ड्रग डिपार्टमेंट को सख्त निर्देश दिए हैं कि दवा बाजार, मेडिकल स्टोर व शिशु रोग विशेषज्ञ अस्पतालों पर नजर रखे। कलेक्टर ने यह भी बताया कि जिस जहरीले कफ सिरप के कारण छिंदवाड़ा में बच्चों की जान गई वो इंदौर में सप्लाई नहीं हुई थी।

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