किसानों का संघर्ष चरम पर – राठीखेड़ा में निर्माणाधीन एथनॉल फैक्ट्री बंद करने की उठी प्रबल मांग

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-मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा – ‘शुद्ध हवा और पानी के लिए लड़ाई जारी रहेगी
हनुमानगढ़। राठीखेड़ा गांव (तहसील टिब्बी) में निर्माणाधीन एथनॉल फैक्ट्री के विरोध को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और किसान संगठनों का रोष लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को संयुक्त किसान मोर्चा जिला हनुमानगढ़ के बैनर तले विभिन्न गैर-राजनीतिक किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार को ज्ञापन सौंपते हुए एथनॉल फैक्ट्री के निर्माण को तत्काल प्रभाव से बंद करवाने की मांग की। किसानों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री के प्रारंभ होने पर जल और वायु प्रदूषण अत्यधिक स्तर पर बढ़ेगा, जिससे आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य और इस उपजाऊ क्षेत्र की हरियाली पर गंभीर खतरा मंडरा जाएगा।
किसानों का कहना है कि राठीखेड़ा क्षेत्र का वातावरण प्रदूषणरहित, कृषि योग्य और जल गुणवत्ता के लिहाज से अत्यधिक संवेदनशील है। इस इलाके की भूमि अत्यंत उपजाऊ है और यहां की सिंचाई व्यवस्था तथा पेयजल की गुणवत्ता संतोषजनक व उत्तम है। ग्रामीणों ने बताया कि 15 महीनों से क्षेत्र की जनता लगातार शांतिपूर्ण तरीके से धरनों, प्रदर्शनों और जनसुनवाइयों के माध्यम से अपनी आपत्तियां दर्ज करवाती रही, परन्तु उनकी आवाज को अनसुना कर दिया गया। किसानों के अनुसार तीन दिन पूर्व प्रशासन ने राठीखेड़ा, टीची और आसपास के ग्रामों के कुछ अगुवा ग्रामीणों को रात के समय घरों के गेट तोड़कर हिरासत में लिया, जिसे उन्होंने पूरी तरह अन्यायपूर्ण और अलोकतांत्रिक बताया।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि सरकार जहां एक ओर पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान चलाती है और जल व वायु प्रदूषण को कम करने के लिए एडवाइजरी जारी करती है, वहीं दूसरी ओर कॉर्पाेरेट कंपनियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण जनता की इच्छाओं को ठेस पहुंचा रही है। किसान संगठनों का आरोप है कि सरकारी नीतियों का लाभ कारपोरेट घरानों को दिया जा रहा है, जबकि आम जनता के मौलिक जीवन अधिकारों की अनदेखी की जा रही है।
संयुक्त किसान मोर्चा ने स्पष्ट कहा है कि लोकतंत्र में जनता की सहमति सर्वाेच्च होती है और जब क्षेत्र की अधिकांश जनता फैक्ट्री का विरोध कर रही है, तब सरकार का कर्तव्य है कि उनकी भावनाओं और हितों को प्राथमिकता दे। किसान संगठनों ने चेतावनी दी कि प्रदूषण फैलाने वाली इस फैक्ट्री से उपजाऊ क्षेत्र को उजड़ने नहीं दिया जाएगा और टिब्बी क्षेत्र की जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
अंत में किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री से मांग की कि स्थानीय लोगों की इच्छा को सर्वाेपरि मानकर एथनॉल फैक्ट्री के निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोकने के आदेश जारी किए जाएं, ताकि पर्यावरण, जल संपदा और कृषि आधारित जीवन व्यवस्था सुरक्षित रह सके। ज्ञापन देने में रेशम सिंह माणुका, रायसाहब मल्लड़खेड़ा, जाकिर हुसैन, संदीप कंग, मन्दीप सिंह, मनप्रीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, गुरमीत सिंह, बलराज सिंह, तरसेम बराड़, गुरसाहब सिंह, मनप्रीत बराड़, गुरप्यार सिंह अनेक किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर मौजूद रहे।

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