NHAI ने दी मंजूरी- अजमेर-जालंधर ग्रीनफील्ड के लिए 4 जिलों में होगी भू-अवाप्ति

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जयपुर: राजस्थान की जनता को अजमेर-जालंधर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे की सौगात जल्द मिलने की उम्मीद बंध गई है। नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया ने अजमेर के किशनगढ़ से हनुमानगढ़ बॉर्डर तक बनने वाले इस एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया है।

यह एक्सप्रेस वे चार जिलों अजमेर, नागौर, चूरू और हनुमानगढ़ जिले से निकलेगा। प्रदेश में इसकी लंबाई 450 किमी से ज्यादा होगी एवं चार हजार हैक्टेयर जमीन की आवश्यकता होगी। एक्सप्रेस-वे पर नौ हजार करोड़ से अधिक की लागत का अनुमान है।
एनएचएआई ने संबंधित कलेक्टरों और राज्य के  सार्वजनिक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव से भूमि अवाप्ति अधिकारी नियुक्त करने का अनुरोध किया है। ताकि अगले महीने से जमीन अवाप्ति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी एम.के.जैन के अनुसार जैसे ही भूमि अवाप्ति अधिकारी नियुक्त होंगे। अगले महीने तक जमीन अवाप्ति की कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
गौरतलब है कि अजमेर से जालंधर तक वर्तमान में सड़क मार्ग से दूरी 800 किमी से ज्यादा है, लेकिन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे की वजह से इसमें 50 किमी से अधिक की कमी आ सकती है।
 प्रोजेक्ट की 3 बड़ी जानकारियां   
4000 हैक्टेयर जमीन की आवश्यकता:  फोर लेन एक्सप्रेस वे के लिए करीब 70 मीटर चौड़ाई और 452 किलोमीटर लंबे हिस्से में जमीन की आवश्यकता होगी। राजमार्ग पर बनने वाले समस्त जंक्शन को मिलाकर 4000 जमीन अवाप्त करनी होगी।
20 करोड़ रुपए प्रति किमी खर्च : ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे मतलब, एकदम नया हाईवे और फोर लेन का सीधा रूट होगा। प्रति किमी औसतन 20 करोड़ यानी नौ हजार करोड़ रुपए की लागत का अनुमान है।
 4 कलेक्टरों को अनुरोध पत्र भेजा : अजमेर, चूरू, नागौर एवं हनुमानगढ़ बॉर्डर तक जमीन एक्वायर करने के लिए  पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव और संबंधित कलेक्टरों से भूमि अवाप्ति अधिकारी नियुक्त करने का अनुरोध पत्र भेजा है।

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