DGCA के निर्देशों के बावजूद, देश की सबसे बड़ी एयरलाइन मानी जाने वाली इंडिगो (IndiGo) के ऑपरेशंस में शनिवार को भी कोई खास सुधार नहीं दिखा। फ्लाइट्स में लगातार देरी और कैंसिलेशन की वजह से शनिवार को भी देशभर के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद और तिरुवनंतपुरम जैसे बड़े शहरों में 400 से ज्यादा उड़ानों का शेड्यूल बिगड़ा, जिसके कारण टर्मिनलों पर लंबी कतारें लग गईं और भीड़ नियंत्रण मुश्किल हो गया। कई जगह यात्रियों का गुस्सा भी देखने को मिला। एयरपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं, लेकिन कुछ रूट्स पर अभी भी दिक्कतें बनी हुई हैं।
इंडिगो का कहना है कि फ्लाइट ऑपरेशन पूरी तरह सामान्य होने में 15 दिसंबर तक का समय लगेगा। लेकिन सिविल एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू ने एयरलाइन पर ही सवाल खड़े किए हैं। नए FDTL नॉर्म्स 1 नवंबर से लागू हैं, लेकिन किसी अन्य एयरलाइन को दिक्कत नहीं आई, जिससे साफ है कि गलती इंडिगो की है। एयरलाइन की लापरवाही की जांच होगी और एक्शन तय है।
सरकार का इंडिगो को निर्देश
संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने कंट्रोल रूम शुरू किया है। नंबर 011-24610843, 011-24693963, 09650391859 हैं। उड़ान रद्द होने पर पूर्ण रिफंड देने का निर्देश जारी किया है। दिव्यांगों-बुजुर्गों को विशेष मदद, बहुत देरी होने पर होटल और रियल-टाइम अपडेट देने का निर्देश भी मिला है। नियमानुसार फ्लाइट कैंसिल या 6 घंटे से ज्यादा लेट होने पर पूरा किराया वापस करने या दूसरी फ्लाइट से यात्रा कराने का नियम है। रात 8 बजे से सुबह 3 बजे की उड़ान 6 घंटे से ज्यादा लेट हो, तो होटल+एयरपोर्ट ट्रांसपोर्ट देना होगा।
इंडिगो ने जारी किया नोटिस: दिल्ली से सभी घरेलू उड़ानें रात 12 बजे तक रद्द
नियमों के असर और चल रही ऑपरेशनल दिक्कतों के बीच इंडिगो ने यात्रियों के लिए एक नोट जारी किया। एयरलाइन ने कहा-“5 दिसंबर 2025 को दिल्ली एयरपोर्ट से रात 12 बजे तक सभी घरेलू उड़ानें रद्द रहेंगी। यात्रियों के लिए भोजन, होटल और अगली उपलब्ध उड़ान की व्यवस्था की जा रही है। पूरा रिफंड भी उपलब्ध कराया जाएगा।”

क्या था नया नियम और क्यों मचा था हंगामा? सरकार ने पायलटों की 2019 से लंबित मांगों को मंजूरी देते हुए FDTL के नियमों में बदलाव किए थे। ये नियम दो चरणों में लागू हुए—पहला जुलाई 2025 में और दूसरा 1 नवंबर 2025 से। बदलाव में शामिल थे:
- वीकली रेस्ट 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे अनिवार्य करना
- रात में एक पायलट की अधिकतम लैंडिंग 6 से घटाकर 2 करना
- ‘नाइट’ की परिभाषा सुबह 5 बजे से बढ़ाकर 6 बजे तक करना
- रात में फ्लाइंग आवर्स को घटाकर अधिकतम 8 घंटे करना
इंडिगो पर प्रभाव सबसे ज्यादा क्यों पड़ा? नए नियम तो सभी एयरलाइंस के लिए थे, लेकिन इंडिगो इसलिए सबसे अधिक प्रभावित हुई क्योंकि उसके पास देश में सबसे ज्यादा नाइट फ्लाइट्स हैं।
- इंडिगो हर दिन करीब 2500 उड़ानें संचालित करती है
- इनमें बड़ी संख्या रात की उड़ानों की होती है
- पहले जहां पायलट रात में 6 लैंडिंग कर सकता था, अब सिर्फ 2
इससे नाइट ऑपरेशंस के लिए पायलटों की मांग लगभग तीन गुना बढ़ गई, जबकि इंडिगो के पास उपलब्ध पायलट संख्या पहले से कम थी। नतीजा—सबसे ज्यादा कैंसिलेशन इंडिगो को करने पड़े और पूरे एविशन सेक्टर में असर देखने को मिला।
DGCA की पायलटों से अपील
DGCA ने ऑल पायलट एसोसिएशन को पत्र लिखकर कहा—
- खराब मौसम और व्यस्त सीजन में उड़ानों को स्थिर और सुचारू रखें
- देरी और रद्दीकरण पर नियंत्रण करें
- यात्रियों को कम से कम परेशानी हो यह सुनिश्चित करें
- एयरलाइंस और पायलटों के बीच समन्वय मजबूत किया जाए
सरकार के नवीनतम फैसले के बाद उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में उड़ान सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य हो जाएंगी।
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