राजस्थान के झालावाड़ में स्कूल बिल्डिंग गिरी, 7 बच्चों की मौत, 5 टीचर सस्पेंड, देखें VIDEO

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झालावाड़ (Jhalawar) में मनोहरथाना ब्लॉक के पीपलोदी सरकारी स्कूल की बिल्डिंग का हिस्सा गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई। हादसे में 28 से ज्यादा बच्चे गंभीर घायल हैं। मामले में शिक्षा विभाग ने स्कूल की हेड मास्टर मीना गर्ग के साथ टीचर जावेद अहमद, रामविलास लववंशी, कन्हैयालाल सुमन, बद्रीलाल लोधा को निलंबित किया है। जानकारी के अनुसार हादसे में एक क्लासरूम ढहा है। इसमें 7वीं क्लास के 35 बच्चे बैठे थे। सभी मलबे में दब गए। टीचर्स और ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को बाहर निकाला गया।

मनोहरथाना अस्पताल के डॉ कौशल लोढ़ा ने बताया कि 11 गंभीर घायलों को जिला हॉस्पिटल रेफर किया गया है। मनोहरथाना हॉस्पिटल के अनुसार 5 बच्चों की मौत मौके पर ही हो गई थी, वहीं 3 ने इलाज के दौरान दम तोड़ा। हादसे को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दुख जताया है।

मृतक बच्चों के नाम
गांववालों ने बताया कि इस स्कूल में कुल 7 क्लासरूम हैं। हादसे के दौरान स्कूल के दो क्लासरूम में 71 बच्चे थे। जिस क्लासरूम में हादसा हुआ उसमें 7वीं क्लास के बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। जिन बच्चों की मौत हुई है उनकी पहचान पायल (14) पुत्री लक्ष्मण, प्रियंका (14) पुत्री मांगीलाल, कार्तिक (8) पुत्र हरकचंद, हरीश (8) पुत्र बाबूलाल के तौर पर हुई है। आगे गांववालों ने बताया हादसे के बाद स्कूल में जगह-जगह बच्चों की किताबें और सामान बिखरा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि बच्चों को बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला गया था। पूरा मंजर बहुत ही डरावना था।

3 बड़ी लापरवाहियां, जिसने ले ली 8 बच्चों की जान

बच्चों ने कहा-कंकड़ गिर रहे हैं, टीचर्स ने ध्यान नहीं दिया: स्कूल में पढ़ने वाली बच्ची वर्षा राज क्रांति ने बताया की छत गिरने से पहले कंकड़ गिर रहे थे, बच्चों ने बाहर खड़े टीचर्स को इसकी जानकारी दी, लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान ही नहीं दिया और थोड़ी देर बाद ही छत गिर गई।

3 दिन पहले 10 दिन की छुट्‌टी कैंसिल कर दी गई : स्कूल के कुक व हेल्पर श्रीलाल भील ने बताया कि करीब 3 दिन पहले स्कूल की 10 दिन के लिए छुट्टी करने की बात सामने आई थी, लेकिन एक दिन की छुट्टी के बाद स्कूल फिर खोल दिया गया।

 जर्जर भवन की सूची में नहीं स्कूल का नाम : कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ के मुताबिक स्कूल शिक्षा विभाग को पहले ही निर्देश दिए गए थे कि जो भी जर्जर भवन हो वहां स्कूलों की छुट्टी कर दी जाए, लेकिन खुद कलेक्टर कह रहे हैं कि न तो यह स्कूल जर्जर भवन की सूची में था और न ही यहां बच्चों की छुट्टी की गई।

सरकार उठाएगी सारा खर्चा
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने हादसे के लेकर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। सभी का सरकारी खर्चे पर इलाज कराया जाएगा। सभी सीनियर अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है।

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कब हुआ हादसा

यह हादसा सुबह करीब 7:30 बजे हुआ, जब बच्चे प्रार्थना कर रहे थे। अचानक स्कूल भवन की छत भरभराकर गिर गई। इससे कई बच्चे और एक शिक्षक मलबे में दब गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने मिलकर बच्चों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। फिलहाल बच्चों को मलबे से बाहर निकाला जा रहा है।

पुलिस ने घायलों और मृतकों की लिस्ट जारी की है जिसमें 4 की मौत की पुष्टि हुई है। इसमें पायल (14 वर्षीय), प्रियंका (14वर्षीय), कार्तिक (8वर्षीय) और हरीश (8वर्षीय) शामिल है।

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