Stray Dogs: आवारा कुत्तों पर SC में फैसला सुरक्षित, जानिए आज क्या-क्या हुआ?

तुषार मेहता ने कहा कि सालाना सैंतीस लाख यानी रोजाना 10,000 लोग कुत्तों के काटने से मर रहे हैं। रेबीज से हर साल 305 मौतें, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मॉडल में इससे कहीं ज़्यादा संख्या दिखाई गई है।

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सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों (Stray Dogs) के मुद्दे पर गुरुवार को सुनवाई की। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की स्पेशल बेंच ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है।

सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि यहां कई ऐसे मांसाहारी लोग हैं, जो खुद को पशु प्रेमी बताते हैं। वहीं, कपिल सिब्बल ने कहा कि मामले का समाधान हो। दिल्ली-NCR से कुत्तों को इकट्ठा कर ऐसे शेल्टर होम भेजें, जो अभी हैं ही नहीं।

कोर्ट ने कुत्तों की समस्या से निपटने में लापरवाही बरतने और नियमों का पालन नहीं किए जाने के लिए नगर निगम के अधिकारियों की खूब फटकार लगाई है। 11 अगस्त को जस्टिस जेबी पारडीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया था कि दिल्ली-एनसीआर के सभी आवारा कुत्तों को शेल्टर होम भेजा जाए।

कोर्ट ने कुत्तों के काटने से रेबीज और मौत के मामलों पर चिंता जताते हुए यह आदेश दिया था, लेकिन एनिमल एक्टिविस्ट इसका विरोध कर रहे हैं। बुधवार को मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई के सामने भी यह मामला रखा गया, जिस पर सीजेआई गवई ने कहा था कि वह इस पर गौर करेंगे।

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हर रोज 10 हजार लोग मर रहे
तुषार मेहता ने कहा कि सालाना सैंतीस लाख यानी रोजाना 10,000 लोग कुत्तों के काटने से मर रहे हैं। रेबीज से हर साल 305 मौतें, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मॉडल में इससे कहीं ज़्यादा संख्या दिखाई गई है।  बता दें कि 11 अगस्त को राष्ट्रीय राजधानी में कुत्तों के काटने के मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आठ सप्ताह के भीतर दिल्ली-एनसीआर की सड़कों से सभी कुत्तों को उठाने का आदेश दिया, तथा अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उनके लिए आश्रय स्थल बनाएं और उन्हें वापस न छोड़ें।

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बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने देश में आवारा कुत्तों के हमलों के कारण रेबीज से होने वाली मौतों की घटनाओं पर खुद नोटिस लिया था। कोर्ट ने इसे बेहद चिंताजनक और डराने वाला बताया था। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा में सरकार के उस आंकड़े पर संज्ञान लिया, जिसमें बताया गया था कि 2024 में 37 लाख से ज्यादा डॉग बाइट्स के मामले आए। इसके अलावा 54 लोगों की मौत रेबीज से हुईं। ये जानकारी 22 जुलाई को पशुपालन राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने लोकसभा में दिल्ली में छह साल की बच्ची छवि शर्मा की मौत से जुड़े सवाल पर दी थी। बच्ची को 30 जून को एक कुत्ते ने काट लिया था। इलाज के बावजूद उसकी मौत हो गई थी।

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