अगर आप सोचते हैं कि फिटनेस सिर्फ कम उम्र में ही मुमकिन है, तो मलाइका अरोड़ा (malaika arora fitness) आपको गलत साबित कर सकती हैं। 51 साल की उम्र में भी वह योग और फिटनेस की ऐसी मिसाल पेश करती हैं, जिसे देखकर कोई भी इंस्पायर हो सकता है।
हाल ही में उनके योग ट्रेनर ने सोशल मीडिया पर उनका पूरा योग सेशन शेयर किया, जिसमें उन्होंने एक से बढ़कर एक पोज़ किए। इन पोज़ में ताकत, लचीलापन और मानसिक शांति तीनों का बेहतरीन संतुलन था। चलिए आज आपको भी बताते हैं मलाइका (malaika arora fitness) के वह कौन-कौन से योगा पोज है जो उन्हें इतना फिट रखते हैं।
1. डबल बोट पोज़ (Double Boat Pose Variation) क्या है: इसे हिंदी में “द्वि-नौकासन” कहा जा सकता है। मलाइका ने इसे पार्टनर के साथ किया, जिसमें दोनों लोग पैरों को सामने उठाकर एक-दूसरे के तलवों को दबाते हुए बैलेंस बनाते हैं। यह पोज़ खासतौर पर कोर और बैलेंस पर फोकस करता है।
फायदे: यह आसन पेट की चर्बी कम करने और कोर मसल्स को मजबूत बनाने में मदद करता है। इसके अलावा जांघ और हिप्स की ताकत बढ़ाता है और बैलेंस व कोऑर्डिनेशन सुधारता है।
2. वाइल्ड थिंग पोज़ (Wild Thing Pose) क्या है: हिंदी में इसे “हृदय खोलने वाला पोज़” कहा जाता है। इसमें शरीर को एक साइड से मोड़ते हुए बैकबेंड किया जाता है, जिससे छाती खुलती है और रीढ़ में लचीलापन आता है।
फायदे: यह पोज़ रीढ़ की लचीलापन बढ़ाने, छाती और कंधों को खोलने के साथ ऊर्जा और मूड को बूस्ट करने में मदद करता है।
3. क्रो पोज़ (Crow Pose with Blocks) क्या है: यह एक बैलेंस पोज़ है जिसमें शरीर का पूरा वजन हाथों पर टिकता है। मलाइका ने इसे योगा ब्लॉक्स की मदद से किया, जिससे शुरुआती लोगों के लिए पोज़ को होल्ड करना आसान हो जाता है।
फायदे: हाथ, कंधे और कोर को मजबूत करता है, बैलेंस और फोकस बढ़ाता है और आत्मविश्वास में सुधार लाता है।
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4. वॉरियर I पोज़ (Warrior I Pose) क्या है: इसे “वीरभद्रासन I” कहते हैं। यह ताकत और स्थिरता का पोज़ है जिसमें आगे का घुटना मोड़ा जाता है और पीछे का पैर सीधा रखा जाता है, जबकि हाथ सिर के ऊपर उठे होते हैं।
फायदे: यह पैरों और हिप्स को मजबूत बनाता है, स्टैमिना बढ़ाता है और फोकस व बैलेंस में सुधार करता है।
5. असिस्टेड हैंडस्टैंड (Assisted Handstand) क्या है: हैंडस्टैंड का यह वेरिएशन पार्टनर की मदद से किया जाता है, जिसमें शरीर को उल्टा खड़ा किया जाता है।
फायदे: यह ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है, कोर और कंधों की ताकत बढ़ाता है और बैलेंस के साथ आत्मविश्वास में भी इजाफा करता है।
6. टो स्टैंड पोज़ (Toe Stand Pose) क्या है: इसमें पंजों पर बैठकर बैलेंस किया जाता है, जो पैरों की मांसपेशियों को गहराई से सक्रिय करता है।
फायदे: यह टखनों और पैरों को मजबूत बनाता है, एकाग्रता और बैलेंस को बेहतर करता है और पैरों में लचीलापन लाता है।

7. आसान पोज़ विद अंजलि मुद्रा (Easy Pose with Anjali Mudra) क्या है: यह एक ध्यान और रिलैक्सेशन की मुद्रा है, जिसमें क्रॉस-लेग बैठकर हथेलियों को छाती के सामने जोड़ा जाता है।
फायदे: मन को शांत करता है, मेडिटेशन और फोकस के लिए उत्तम है और तनाव कम करता है।
8. फोरआर्म प्लैंक (Forearm Plank) क्या है: कोर स्ट्रेंथ बढ़ाने के लिए एक क्लासिक पोज़ जिसमें कोहनी और पंजों के सहारे शरीर को सीधी लाइन में होल्ड किया जाता है।
फायदे: कोर, पीठ और कंधों को मजबूत करता है, स्टैमिना बढ़ाता है और पेट की चर्बी घटाने में मदद करता है।
9. स्टैंडिंग साइड स्ट्रेच (Standing Side Stretch) क्या है: खड़े होकर साइड बॉडी को ऊपर से नीचे तक स्ट्रेच करने का पोज़, जिसमें हाथ ऊपर उठाकर एक साइड में झुका जाता है।
फायदे: कमर और साइड मसल्स की लचीलापन बढ़ाता है, शरीर की शेप सुधारता है और रीढ़ को सक्रिय करता है।

10. एक्सटेंडेड साइड एंगल पोज़ (Extended Side Angle Pose) क्या है: इसमें पैरों को फैलाकर आगे वाले पैर को मोड़ते हुए एक हाथ को जमीन पर और दूसरे हाथ को ऊपर की ओर खींचा जाता है।
फायदे: पैरों, हिप्स और साइड बॉडी को स्ट्रेच करता है, बैलेंस को बेहतर बनाता है और एनर्जी फ्लो में सुधार करता है।
11. स्टैंडिंग साइड बेंड (Standing Side Bend) क्या है: साइड बॉडी को खड़े-खड़े ऊपर से नीचे तक स्ट्रेच करना, जिसमें दोनों हाथ ऊपर उठाकर एक साइड में झुकते हैं।
फायदे: साइड फैट घटाने, रीढ़ की लचीलापन बढ़ाने और कंधों व कमर को एक्टिव करने में मदद करता है।
12. रिवर्स वॉरियर पोज़ (Reverse Warrior Pose) क्या है: वॉरियर II पोज़ का बैकबेंड वर्ज़न, जिसमें पीछे की ओर झुककर एक हाथ ऊपर और दूसरा नीचे किया जाता है।
फायदे: साइड और बैक को स्ट्रेच करता है, पैरों को मजबूत बनाता है और आत्मविश्वास व एनर्जी बढ़ाता है।

13. फोर-लिम्ब्ड स्टाफ पोज़ (Four-Limbed Staff Pose) क्या है: इसे चतुरंग दंडासन या लो प्लैंक भी कहते हैं। इसमें प्लैंक पोज़ से कोहनी मोड़कर शरीर को नीचे लाया जाता है और सीधा रखा जाता है।
फायदे: पूरे शरीर की मसल्स को मजबूत करता है, खासकर हाथ, कंधे और कोर पर गहरा असर डालता है।
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