एनएचएम भवन निर्माण में करोड़ों के घोटाले का आरोप

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– संगरिया क्षेत्र के 67 उप-स्वास्थ्य केंद्रों में तकनीकी अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच की मांग
हनुमानगढ़। जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (National Health Mission) योजना के तहत निर्मित हो रहे उप-स्वास्थ्य केंद्रों एवं हॉस्पिटल भवनों में गंभीर तकनीकी अनियमितताओं और करोड़ों रुपये के कथित घोटाले का मामला सामने आया है। इस संबंध में ग्राम सिंहपुरा, तहसील संगरिया निवासी राजेश गरुराज एवं ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच की मांग की है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि जिले में 47 लाख 50 हजार रुपये प्रति भवन की लागत से 67 स्थानों पर निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन निर्माण कार्य स्वीकृत नए नक्शे की बजाय पुराने नक्शे के आधार पर किया जा रहा है। पुराने भवनों को तोड़कर उनकी ईंटों, जंगले, दरवाजों आदि की नीलामी नहीं करवाई गई और लगभग डेढ़ लाख रुपये की सामग्री की कथित बंदरबांट किए जाने का आरोप लगाया गया है। प्रार्थियों का दावा है कि एक भवन पर लगभग 29 लाख रुपये तक की अनियमितता की जा रही है, जिससे कुल मिलाकर करीब 19.43 करोड़ रुपये के घोटाले की आशंका जताई गई है।
ग्रामीणों ने संगरिया उपखंड के रासूवाला, सिंहपुरा, रतनपुरा, भाई बख्तावरसिंहवाली ढाणी, कीकरवाली, अमरपुरा जालू खाट, 12 एमजेडी, मोरजण्ड सिखान, हरिपुरा सहित अन्य गांवों में निर्माण कार्यों में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। मोरजण्ड सिखान, अमरपुरा जालू खाट, चक 12 एमजेडी व शाहपीनी में निर्माण के दौरान नींव में नई सामग्री की जगह पुरानी ईंटों व मलबे का उपयोग करने, एल्यूमिनियम विंडो के स्थान पर लोहे की खिड़कियां लगाने, निर्धारित मोटाई की बजरी के स्थान पर ईंटें बिछाने तथा पिलर की जगह ईंटों के थमले बनाने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
इसके अलावा लेजर लेवल/ऑटो लेवल से कार्य नहीं करने, बीम व कॉलम के गुणवत्ता परीक्षण नहीं लेने, स्वीकृत पेंट कोड 7920 (पीला) व 8589 (भूरा) की बजाय अन्य रंग करने तथा भवन में अर्थिंग नहीं करने जैसी अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया है। शाहपीनी में पूर्व निर्मित भवन में दरारें व पानी की लीकेज की शिकायत के बावजूद हैंडओवर का प्रयास करने का आरोप लगाया गया है।
चक 12 एमजेडी में सीएमएचओ के 11 दिसंबर 2025 के आदेश के बावजूद कार्य जारी रखने तथा स्वास्थ्य कर्मचारियों को वेतन रुकवाने की धमकी देने का भी उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों ने समस्त निर्माण कार्यों की थर्ड पार्टी तकनीकी जांच, दोषी ठेकेदार व अधिकारियों पर कार्रवाई तथा जांच पूरी होने तक कार्य रोकने की मांग की है।

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