– चार बेटियों की एक साथ हुई विदाई, हर आंख हुई नम, दहेज प्रथा पर भी दिया गया संदेश
हनुमानगढ़। सोमवार को श्री नवदुर्गा मंदिर परिसर एक भावुक और प्रेरणादायक आयोजन का साक्षी बना, जब श्री नवदुर्गा युवा सेवा समिति द्वारा आयोजित 27वें सामूहिक विवाह समारोह में चार बेटियों की एक साथ डोली विदा हुई। इस पावन अवसर पर उपस्थित हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं, लेकिन उनके चेहरों पर मुस्कान थी, क्योंकि यह क्षण इन बेटियों के नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक था। समारोह की अध्यक्षता श्री नवदुर्गा युवा सेवा समिति के अध्यक्ष प्यारेलाल बंसल ने की। इस आयोजन में समिति पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और शहर के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे जिन्होंने वर-वधुओं को आशीर्वाद दिया। अध्यक्ष प्यारेलाल बंसल ने अपने उद्बोधन में कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन समाज में फैली दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों पर प्रभावी रोक लगाने का काम करते हैं और साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को संबल प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों को सरकारी स्तर पर भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
समिति द्वारा आयोजित विवाह में चार जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया, जिनमें से एक जोड़े का विवाह सिख धर्मानुसार आनंद कारज विधि से और शेष तीन जोड़ों का विवाह हिंदू रीति-रिवाजों से संपन्न हुआ। विवाह की सभी रस्में पूर्ण गरिमा और धार्मिक परंपराओं के अनुसार निभाई गईं, जिसके बाद चारों जोड़ों की विदाई की गई। समिति द्वारा वर वधु को उपहार भी दिये।
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