गौशाला में 721 रामायण व गीता पाठ का समापन, हवन-भण्डारे में हजारों श्रद्धालु हुए शामिल

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– 24 अगस्त से होगा स्वामी विजयानंद गिरी का दुर्लभ सत्संग
हनुमानगढ़। 
गौशाला समिति हनुमानगढ़ जंक्शन द्वारा आयोजित 721 रामायण व गीता पाठ का समापन सोमवार को धार्मिक उल्लास और श्रद्धा के माहौल में हुआ। इस अवसर पर सुबह गुरूजी दयानंद शास्त्री के सानिध्य में हवन यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें पूर्णाहुति के साथ ही पाठों का भोग डाला गया। यज्ञ में मुख्य यजमान बीरबल जिन्दल, गोपाल जिन्दल, रघुवीर बंसल, इन्द्र हिसारिया और शिवभगवान ढुढाणी सहित अन्य यजमानों ने सपरिवार आहुति डालकर धर्मलाभ लिया।
हवन यज्ञ के उपरांत विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। गौशाला प्रांगण में दिनभर धार्मिक वातावरण बना रहा और भक्तों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं।
गौशाला समिति अध्यक्ष इन्द्र हिसारिया ने बताया कि यह आयोजन पिछले 15 वर्षों से निरंतर किया जा रहा है। क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना से हर वर्ष रामायण और गीता पाठ का यह भव्य आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 10 अगस्त से पाठ शुरू हुए थे, जिनका भोग सोमवार को डाला गया। यह परंपरा गौमाता के आशीर्वाद और भक्तों की आस्था का प्रतीक है। हिसारिया ने आगे जानकारी दी कि गौमाता के उत्तम स्वास्थ्य और उनकी कृपा क्षेत्र पर निरंतर बनी रहे, इसके लिए आगामी 24 अगस्त से 30 अगस्त तक गौशाला प्रांगण में एक विशेष सत्संग का आयोजन किया जाएगा। इस सत्संग में ऋषिकेश से पधारने वाले श्रद्धेय स्वामी श्री विजयानंद गिरी जी महाराज दिव्य और दुर्लभ सत्संग करेंगे। उन्होंने बताया कि इस आयोजन की तैयारी जोर-शोर से की जा रही है।

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