एयर इंडिया प्लेन क्रैश के पायलट पर Fake News चलाने पर भड़की US सुरक्षा एजेंसी, जानें क्या कहा?

IP ने फ्लाइट AI-171 की दुर्घटना पर पब्लिश रिपोर्टों को लेकर अमेरिका की दो प्रमुख मीडिया संस्थाओं वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) और रॉयटर्स को कानूनी नोटिस भी भेजा है।

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अहमदाबाद में 12 जून (Ahmedabad Plane Crash) को हुए विमान हादसे को लेकर विदेशी मीडिया की भ्रामक रिपोर्टिंग पर भारतीय पायलट संघ (एफआईपी) ने आपत्ति जताई है। एफआईपी ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल और रॉयटर्स को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में दोनों संस्थानों से गलत रिर्पोटिंग के लिए माफी मांगने की मांग की गई है।

अब मीडिया रिपोर्ट्स को लेकर अमेरिकी एजेंसी ने सावधान रहने की सलाह दी है। यूएस नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) की अध्यक्ष जेनिफर होमेंडी ने कहा, जो बातें सामने आई हैं वो सिर्फ अटकलें लगाने वाली हैं। भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने अभी अपनी शुरुआती रिपोर्ट जारी की है। इस तरह की जांच में समय लगता है।

भारतीय पायलट महासंघ (FIP) के अध्यक्ष कैप्टन सी.एस. रंधावा ने NTSB के इस बयान का स्वागत किया और कहा कि इससे पश्चिमी मीडिया को चेतावनी मिलेगी जो बिना पुख्ता आधार के कहानियां छापता है। उन्होंने कहा, “हमारी अपनी जांच प्रक्रिया है और हमें इसकी अंतिम रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए।”

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रंधावा ने कहा कि FIP ने फ्लाइट AI-171 की दुर्घटना पर पब्लिश रिपोर्टों को लेकर अमेरिका की दो प्रमुख मीडिया संस्थाओं वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) और रॉयटर्स को कानूनी नोटिस भी भेजा है। संघ का आरोप है कि दोनों मीडिया संस्थानों ने बिना पुष्टि के भ्रामक और गलत सूचनाएं पब्लिश कीं, जिससे मृत पायलटों की प्रतिष्ठा को गहरा नुकसान पहुंचा है।

रंधावा ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि WSJ और रॉयटर्स को भेजे गए ईमेल में यह साफ कहा गया है कि उनकी रिपोर्टिंग न सिर्फ तथ्यहीन थी, बल्कि इससे भारत की विमानन सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गलत धारणा भी बनी है।

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FIP ने विशेष रूप से रॉयटर्स से यह अपेक्षा जताई है कि वह 17 जुलाई को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट की समीक्षा करे, उसे संशोधित करे और उसमें यह स्पष्ट अस्वीकरण जोड़े कि फिलहाल कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है और उनकी रिपोर्ट स्रोतों पर आधारित थी, न कि तथ्यों पर।

संघ का कहना है कि ऐसी रिपोर्टिंग से न केवल मृतक पायलटों की छवि धूमिल हुई है, बल्कि उनके परिजनों को भी अनावश्यक मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी है। इससे पायलट समुदाय का मनोबल भी प्रभावित हुआ है, जो पहले से ही उच्च दबाव में कार्य करता है।

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भारत की इनवेस्टिगेशन रिपोर्ट में क्या आया सामने?
इससे पहले एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इनवेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने 12 जुलाई को प्लेन क्रैश पर अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट जारी की थी। इसमें बताया था कि फ्यूल स्विच अचानक ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ पोजिशन में चले गए थे, जिससे दोनों इंजन बंद हो गए।

हालांकि, रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि फ्यूल स्विच कैसे बंद हुए। AAIB की रिपोर्ट में बताया कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर पर एक पायलट को दूसरे से यह पूछते हुए सुना गया कि उसने फ्यूल क्यों बंद कर दिया। दूसरे पायलट ने जवाब दिया कि उसने ऐसा नहीं किया।

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