डॉ. भीमराव अंबेडकर पुण्यतिथि पर अजाक संगठन ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

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– भंते धम्म प्रिय व प्रज्ञाशील ने समाज में जागरूकता फैलाने का किया आह्वान
हनुमानगढ़। डॉ. अम्बेडकर अनुसूचित जाति अधिकारी कर्मचारी एसोसिएशन (अजाक) द्वारा भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि पर शनिवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन अजाक भवन में किया गया। कार्यक्रम जिलाध्यक्ष सुमेर सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जिसमें जिलेभर से अधिकारी, कर्मचारी, समाजसेवी व युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
श्रद्धांजलि सभा की शुरुआत बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण और दो मिनट के मौन रखकर की गई। जिलाध्यक्ष सुमेर सिंह ने कहा कि बाबा साहेब ने जिस भारत का सपना देखा था, वह समानता, न्याय और शिक्षा पर आधारित था। आज उनके विचारों को आत्मसात कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि अजाक संगठन निरंतर सामाजिक समरसता, संविधान जागरूकता और शिक्षा के प्रसार के लिए कार्य करता रहेगा।
कार्यक्रम में भंते धम्म प्रिय व भंते प्रज्ञाशील ने कहा कि बाबा साहेब केवल एक नेता ही नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांति के अग्रदूत थे। उन्होंने दलित, वंचित और पिछड़े वर्गों को शिक्षित व संगठित होकर आगे बढ़ने का संदेश दिया। भंते प्रज्ञाशील ने युवाओं से आह्वान किया कि वे संविधान की मूल भावना को समझें और समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाएं। दोनों भंतों ने कहा कि अंबेडकर के विचारों को जन–जन तक पहुँचाना आज समय की आवश्यकता है।
सभा में वक्ताओं ने बाबा साहेब के जीवन संघर्ष, उनके सामाजिक सुधार कार्यों और संविधान निर्माण में उनकी अदम्य भूमिका पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वाभिमान और समान अवसर के लिए उनका संघर्ष आज भी प्रेरणा देता है। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे बाबा साहेब द्वारा दिखाए मार्ग पर चलकर समाज में समानता और भाईचारे को बढ़ावा देंगे।

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