– भ्रष्टाचार के विरोध में युवाओं ने सौंपा ज्ञापन, उच्च स्तरीय जांच की मांग
हनुमानगढ़। शहर में बन चुके कृषि महाविद्यालय के महाविद्यालय प्रशासक के हैडओवर होने से पूर्व ही भ्रष्टाचार की पोल खुल गई है। सोमवार को जिले के युवाओं ने युवा नेता सुधीर बलिहारा के नेतृत्व में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कृषि महाविद्यालय भवन में हुए कथित भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण कार्य के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। युवाओं ने आरोप लगाया कि महाविद्यालय भवन निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है और निर्माण कार्य घोर अनियमितताओं से भरा हुआ है।
ज्ञापन में बताया गया कि भवन का कार्य लगभग पूर्ण होने की स्थिति में है, परंतु इसका शेष भाग अत्यंत जोखिमपूर्ण स्थिति में है। भवन की दीवारों में दरारें, प्लास्टर का टूटना और छतों की कमजोर स्थिति यह दर्शाती है कि भवन किसी भी समय दुर्घटना का कारण बन सकता है। यह न केवल छात्रों के जीवन के लिए खतरा है बल्कि यह सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और सरकारी परियोजनाओं में जवाबदेही की गंभीर कमी को भी उजागर करता है।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जिसमें एक उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच समिति गठित कर इस निर्माण कार्य में लिप्त ठेकेदारों, अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, दोषी ठेकेदार फर्म को ब्लैकलिस्ट कर, उससे नुकसान की भरपाई करवाई जाए और कृषि महाविद्यालय भवन का पुनः नवीन निर्माण करवाया जाए। प्रशासन इस मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित और न्यायसंगत कदम उठाए, ताकि छात्रों को सुरक्षित शैक्षिक वातावरण मिल सके और जनता के पैसे का दुरुपयोग रोका जा सके। जिला परिषद डायरेक्टर मनीष मक्कासर व सुनील चाहर ने कहा कि ने कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलनात्मक रास्ता अपनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर चुप्पी साधना हनुमानगढ़ के भविष्य के साथ अन्याय होगा। युवाओं ने जिला प्रशासन से अपील की है कि वह इस गंभीर मसले पर शीघ्र संज्ञान ले और दोषियों को सजा दिलवाए।ज्ञापन सौंपने पहुंचे शाहरूख रोड़ावाली, केवल काकड़, करणी, कपिल कुमार व कई सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र नेता और स्थानीय युवा शामिल थे।
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