हनुमानगढ़ जंक्शन के गांधीनगर स्थित गुरुद्वारा श्री गुरुनानक दरबार में आज प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश उत्सव के उपलक्ष्य में श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। इस पावन अवसर पर सुबह से ही संगत गुरुद्वारा साहिब में एकत्रित होने लगी। कार्यक्रम की शुरुआत में नगर कीर्तन का आयोजन किया गया, जो पांच प्यारों की अगवाई में गुरुद्वारा साहिब से रवाना हुआ। नगर कीर्तन में सजी हुई सजावट, नगाड़े, झंडे और भक्ति संगीत के साथ श्रद्धालुओं ने पूरे शहर में गुरु जी के उपदेशों का संदेश दिया।
यह नगर कीर्तन गांधी नगर गुरुद्वारा से रवाना होकर शहर के मुख्य मार्गों से होता हुआ शाम को पुनः गुरुद्वारा परिसर में पहुंचा। रास्ते में जगह-जगह संगतों ने पुष्प वर्षा कर नगर कीर्तन का स्वागत किया और गुरु जी के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। सिख समाज सहित अन्य समुदायों के लोगों ने भी इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक गणेश राज बंसल, वार्ड पार्षद गुरदीप सिंह बब्बी सहित शहर के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी के उपदेश आज भी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं — “नाम जपो, किरत करो, वंड छको” का संदेश समाज में समानता और भाईचारे की भावना को मजबूत करता है। गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के सदस्यों ने बताया कि प्रकाश उत्सव के तहत कल श्री अखंड पाठ साहिब के प्रकाश किए गए थे। आज नगर कीर्तन का आयोजन हुआ और कल अखंड पाठों के भोग डाले जाएंगे। भोग के उपरांत प्रसिद्ध हजूरी रागी जत्थे, बाहर से पधारे कविशरी और कथावाचक गुरु जी के जीवन और उपदेशों का वर्णन करेंगे। अंत में गुरु का अटूट लंगर सभी श्रद्धालुओं को वितरित किया जाएगा। पूरे कार्यक्रम में श्रद्धा, सेवा और भक्ति की भावना झलकती रही। प्रकाश उत्सव के इन आयोजनों ने न केवल सिख समाज बल्कि पूरे शहर में एकता, प्रेम और गुरु नानक देव जी के उपदेशों के प्रति आस्था का संदेश फैलाया।
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