बार संघ का धरना, आईजी से की मांग – 24 घंटे में गिरफ्तारी नहीं तो उग्र आंदोलन

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हनुमानगढ़। जंक्शन थाना क्षेत्र में अधिवक्ता लोकेन्द्र थौरी पर रविवार सुबह हुए जानलेवा हमले ने अधिवक्ता समाज में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। पुलिस की लापरवाही और 48 घंटे तक कार्रवाई न होने से क्षुब्ध बार संघ हनुमानगढ़ ने हनुमानगढ़ पहुचे आईजी का जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मंगलवार घेराव किया। अधिवक्ताओं ने एसपी कार्यालय के अन्दर धरना लगाकर विरोध दर्ज करवाया। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे न्यायालयीन कार्य का बहिष्कार कर आंदोलन को उग्र रूप देंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अधिवक्ता लोकेन्द्र पुत्र मदनलाल थौरी (32) निवासी वार्ड संख्या 8, जोड्किया, रोजाना की तरह 14 सितंबर की सुबह 6 बजे टहलने निकले थे। इसी दौरान रामकुमार थौरी पुत्र कृष्णलाल थौरी और उसके चार अज्ञात साथियों ने धारदार सब्बल से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। हमलावरों ने दोनों पैरों पर वार कर कहा कि “इसे जिंदा मत छोड़ना।” शोर सुनकर लोकेन्द्र के पिता और भाई मौके पर पहुंचे तो आरोपी फरार हो गए। गंभीर हालत में लोकेन्द्र को जिला चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया। पीड़ित ने अपने बयान में हमले का कारण पुरानी रंजिश बताया।
बार संघ अध्यक्ष नरेन्द्र माली का आरोप है कि गंभीर हमले के बावजूद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर केवल एएसआई स्तर के अधिकारी को जांच सौंपी और अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे आक्रोशित बार संघ अध्यक्ष नरेंद्र माली के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता एसपी कार्यालय पहुचकर नारेबाजी कर विरोध दर्ज करवाया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं पर हमला लोकतंत्र के स्तंभ पर हमला है, जिसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिवक्ताओं ने कहा कि हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं होने पर न्यायालयीन कार्य पूरी तरह ठप हो जाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी। एक घंटे चले धरने के दौरान अधिवक्ता बार-बार यह दोहराते रहे कि वे किसी भी हाल में ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
अधिवक्ताओं के तीखे विरोध को देखते हुए आईजी ने तुरंत एसपी को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस पर एसपी ने आश्वस्त किया कि अगले 24 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अधिवक्ता समाज ने प्रशासन को चेताया कि यदि वादा पूरा नहीं हुआ तो वे गुरूवार से पुलिस को कोर्ट में नही घसने दिया जायेगा व पूरे जिले के अधिवक्ता धरना प्रदर्शन करेगे, उसके बाद राज्य स्तर पर आंदोलन को और तेज करेंगे। इस घटना ने पूरे अधिवक्ता समुदाय में गहरा असंतोष पैदा कर दिया है और पुलिस पर पक्षपात का आरोप लग रहा है। अधिवक्ता समाज का कहना है कि न्याय दिलाने वाले व्यक्ति पर हमला होना न केवल व्यक्ति विशेष पर, बल्कि लोकतंत्र पर भी सीधा प्रहार है।
इस मौके पर अध्यक्ष नरेन्द्र माली, सचिव प्रकाश रोझ, कोषाध्यक्ष राजीव शर्मा, पुस्तकालय अध्यक्ष लोकेश शर्मा, जितेन्द्र सारस्वत, मनजिन्द्र सिंह लेघा, जोधा सिंह भाटी, जयपाल झोरड़, राजेन्द्र बेनीवाल, मनेष तंवर, मोहित ऐरन, गणेश गिल्होत्रा, अल्ताफ, रोहित खिच्ची, नरेन्द्र हिरवानी सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद थे।

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