जाति आधारित जनगणना की मांग को लेकर भारत मुक्ति मोर्चा का ज्ञापन

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– देशभर में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा, 23 अप्रैल को भारत बंद का आह्वान
हनुमानगढ़। 
भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने जाति आधारित जनगणना सहित विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को जिला क्लेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने ओबीसी के साथ कथित धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए अपनी मांगों को लेकर देशभर में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है।
संगठन के प्रतिनिधियों ने बताया कि भारत मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा संविधान द्वारा दिए गए लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत देशव्यापी आंदोलन चला रहे हैं। इसी क्रम में पहले चरण के तहत 6 मार्च को देश के 725 जिलों में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिए जा रहे हैं। ज्ञापन में ओबीसी की जाति आधारित जनगणना कराने, एससी-एसटी व ओबीसी के हित में सख्त यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन लागू करने तथा वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से मुक्त करने की मांग उठाई गई है।
ज्ञापन में कहा गया कि केंद्र सरकार द्वारा कैबिनेट में ओबीसी की जाति आधारित जनगणना का निर्णय लिए जाने के बावजूद जनगणना नोटिफिकेशन में ओबीसी जातियों का कॉलम शामिल नहीं किया गया है, जो ओबीसी वर्ग के साथ धोखाधड़ी के समान है। संगठन ने मांग की है कि इस वर्ष होने वाली राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी जातियों के लिए अलग कॉलम जोड़ा जाए, ताकि उनकी वास्तविक जनसंख्या का सही आंकड़ा सामने आ सके।
इसके अलावा ज्ञापन में कहा गया कि पहले कमजोर यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन बनाया गया और बाद में सुप्रीम कोर्ट में कमजोर पैरवी के कारण उस पर रोक लग गई, जिससे एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग को नुकसान हुआ है। संगठन ने सरकार से मांग की कि इन वर्गों के हितों की रक्षा के लिए सख्त यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन बनाकर उसे प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
संगठन ने यह भी मांग उठाई कि वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से मुक्त किया जाए। उनका कहना है कि लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से राहत मिलनी चाहिए।
भारत मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारियों ने बताया कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आंदोलन के दूसरे चरण में 13 मार्च को देश के 725 जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जबकि तीसरे चरण में 23 मार्च को जिला मुख्यालयों पर रैली निकाली जाएगी। इसके बाद चौथे चरण में 23 अप्रैल को देशव्यापी भारत बंद का आह्वान किया गया है। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
इस मौके पर जिला अध्यक्ष हेमचंद, जसविंदर सिंह धालीवाल ,बहादुर सिंह ,भवानी शंकर ,महेंद्र ,कृष्ण कुमार, कुलदीप ओळख सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।

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