-13 मार्च को नंगे पांव पैदल चलकर जिला कलक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन
हनुमानगढ़। जिले के गांव दो केएनजे में मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर ग्रामीणों में लगातार असंतोष बढ़ता जा रहा है। इसी को लेकर गांव के युवा कार्यकर्ताओं की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें गांव की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए आंदोलनात्मक कदम उठाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में उपस्थित युवाओं ने बताया कि गांव में लंबे समय से कई महत्वपूर्ण समस्याएं लंबित पड़ी हैं, जिनका समाधान आज तक नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि इन समस्याओं के कारण गांव के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण आंदोलन को और तेज करेंगे।
युवा कार्यकर्ताओं ने बताया कि गांव दो केएनजे में काफी समय से मनरेगा कार्य पूरी तरह बंद पड़ा हुआ है, जिससे मजदूरों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा गांव के कुछ निवासियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान स्वीकृत किए गए थे और सरकार द्वारा पहली किस्त जारी भी कर दी गई थी। लाभार्थियों ने अपने निजी खर्चे से मकान का निर्माण लगभग पूरा कर लिया, लेकिन दूसरी और तीसरी किस्त अभी तक जारी नहीं की गई है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक में यह भी बताया गया कि गांव के अंदर स्थित एक जोड़ पायतन में दो बोरवेल किए गए थे, लेकिन वर्तमान में दोनों बोरवेल बंद पड़े हैं। इसके कारण बरसात का पानी और घरों का गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है, जिससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत होती है और गंदगी की समस्या भी बढ़ रही है।
इसके साथ ही बरसाती पानी की निकासी के लिए गांव में दो अन्य बोर भी किए गए थे, लेकिन वे भी पूरी तरह बंद पड़े हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव की नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर जमा रहता है। गांव के दो-तीन मुख्य रास्तों पर बनी पुलिया भी टूटी हुई हैं, जिससे कई बार स्कूली वाहन और अन्य वाहन गड्ढों में फंस जाते हैं और दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
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