-तहसीलदार से की सख्त कानूनी कार्यवाही और 30 नए वृक्ष लगाने की मांग
हनुमानगढ़। ग्राम पंचायत अराईयावाली में राज्य वृक्ष एवं बिश्नोई समाज की आस्था का प्रतीक खेजड़ी के चार पुराने वृक्ष काटे जाने से समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है। मंगलवार को बिश्नोई समाज के प्रतिनिधियों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही की मांग की। साथ ही काटे गए वृक्षों के बदले 30 नए खेजड़ी वृक्ष लगाकर उनकी देखरेख सुनिश्चित करने की अपील की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत अराईयावाली की ढाणी चक स्थित खाता संख्या 104/95 के किला नंबर 15 की बट पर लगे चार खेजड़ी के वृक्षों को ग्राम के पाल सिंह पुत्र लाल सिंह एवं गोरा सिंह पुत्र पाल सिंह ने जानबूझकर काट दिया। खेजड़ी को राजस्थान सरकार ने राज्य वृक्ष का दर्जा दिया है और इसे काटना कानूनी अपराध माना गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वृक्ष काटने की कार्रवाई समाज विशेष को हानि पहुँचाने की मंशा से की गई, जिससे गाँववासियों की धार्मिक व सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुँची है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि खेजड़ी का बिश्नोई समाज से गहरा जुड़ाव है। सैकड़ों वर्षों से समाज के लोग खेजड़ी की पूजा करते आ रहे हैं और इतिहास गवाह है कि 365 बिश्नोईयों ने खेजड़ी वृक्षों की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। ऐसे में इस घटना से समाज बेहद आहत है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एडवोकेट रामकुमार बिश्नोई ने बताया कि खेजड़ी वृक्ष को काटने का अधिकार केवल जिला कलक्टर की अनुमति से ही संभव है, लेकिन उक्त व्यक्तियों ने बिना किसी स्वीकृति के जानबूझकर यह कृत्य किया है। इससे न केवल कानून का उल्लंघन हुआ है बल्कि सामाजिक सौहार्द पर भी चोट पहुँची है।
बिश्नोई समाज ने तहसीलदार से मांग की है कि पाल सिंह एवं गोरा सिंह के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए ताकि भविष्य में कोई भी खेजड़ी वृक्ष काटने का दुस्साहस न करे। इसके साथ ही काटे गए वृक्षों के बदले 30 नए खेजड़ी वृक्ष रोपित कर उनकी पूर्ण देखभाल का आदेश दिया जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में एडवोकेट रामकुमार बिश्नोई, जूडो कोच विनीत बिश्नोई, एडवोकेट रामकुमार कस्वां, एडवोकेट मदनलाल मुंड, एडवोकेट मोहनलाल यादव, एडवोकेट सुनिल सुथार, एडवोकेट सुनिल चाहर, एडवोकेट देवीलाल भाम्भू, एडवोकेट सुनील बिश्नोई, एडवोकेट अमित कुकणा, एडवोकेट कमलेश भादू सहित समाज के अनेक प्रबुद्धजन शामिल रहे।
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