’-झूठे बंधक मुकदमों से राहत की मांग, मजदूरों द्वारा ब्लैकमेलिंग की घटनाओं पर जताई चिंता’
हनुमानगढ़। जिले के ईंट भट्टा संचालकों ने सोमवार को मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम उपखण्ड अधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा, जिसमें झूठे बंधक मजदूरी के मुकदमों से राहत प्रदान करने की मांग की गई। ज्ञापन जिला ईंट भट्टा यूनियन के जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र तिवाड़ी के नेतृत्व में सौंपा गया। यूनियन ने ज्ञापन में कहा कि जिले में करीब 500 ईंट भट्टे संचालित हो रहे हैं, जिन पर लगभग 50 हजार मजदूर कार्यरत हैं। इनमें से अधिकतर मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों से आकर काम करते हैं।
ज्ञापन में भाजपा नेता अमित चौधरी ने बताया कि भट्टों पर कार्य करने आने वाले मजदूर भट्टा मालिकों से अग्रिम राशि (एडवांस) के रूप में पैसे लेते हैं, ताकि वे अपने परिवार के खर्चों का प्रबंध कर सकें। साथ ही, भट्टा मालिक उनकी रहने, खाने और अन्य सुविधाओं की भी व्यवस्था करते हैं। इसके बावजूद कुछ मजदूर, हरियाणा-पंजाब के कुछ व्यक्तियों के बहकावे में आकर भट्टा मालिकों पर झूठे बंधक मजदूरी के मुकदमे दर्ज करवा रहे हैं। यूनियन जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र तिवाड़ी ने कहा कि इस तरह की झूठी शिकायतों के कारण भट्टा उद्योग पर अनावश्यक दबाव बढ़ रहा है और मालिकों को ब्लैकमेल किया जा रहा है। सुरेन्द्र तिवाड़ी ने बताया कि कुछ असामाजिक तत्व मजदूरों को भड़काकर इस तरह की शिकायतें दर्ज करवाते हैं, जिससे भट्टा उद्योग की छवि खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि मजदूरों की वास्तविक स्थिति को बिना जांचे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, जिससे कई निर्दाेष भट्टा मालिक मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हो रहे हैं। यूनियन ने कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल उद्योग को नुकसान पहुंचा रही हैं, बल्कि मजदूरों और मालिकों के बीच विश्वास की दीवार भी खड़ी कर रही हैं।
ज्ञापन में यह भी बताया गया कि कई भट्टा मालिकों ने ऐसे झूठे मुकदमे दर्ज करवाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ संबंधित थाना क्षेत्रों में लिखित परिवाद भी दिए, परंतु पुलिस प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई। यूनियन ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले समय में ईंट उद्योग पर गंभीर असर पड़ेगा और हजारों परिवारों की आजीविका खतरे में पड़ जाएगी।
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