प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक 2026 के मंच से भारत और यूरोपीय संघ (India-EU Free Trade Agreement) के बीच हुए बड़े फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की औपचारिक घोषणा की। उन्होंने इसे दुनिया की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच मजबूत और भविष्य केंद्रित साझेदारी बताया। इससे 200 करोड़ लोगों का साझा मार्केट तैयार होगा, जो दुनिया की 25% GDP कवर करेगा।
पीएम मोदी ने कहा कि यह समझौता भारत के उद्योग, ऊर्जा सेक्टर और आम नागरिकों के लिए नए अवसर लेकर आएगा। इस डील से भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूती मिलेगी और सर्विस सेक्टर को नई गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री के अनुसार, भारत और यूरोपीय संघ के बीच यह व्यापार समझौता न सिर्फ आर्थिक सहयोग को बढ़ाएगा, बल्कि रोज़गार, निवेश और टेक्नोलॉजी साझेदारी को भी आगे ले जाएगा। उन्होंने कहा कि यह करार भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन में और मज़बूत स्थिति में लाने की दिशा में अहम कदम है।
‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ (Mother of all deals) क्या है?
जब दो या ज्यादा देश आपस में ये तय कर लेते हैं कि वे एक-दूसरे के सामान और सेवाओं पर टैक्स, पाबंदियां और रुकावटें कम या खत्म कर देंगे, तो उसे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA कहते हैं। सीधे शब्दों में कहें तो FTA व्यापार का ‘टोल फ्री हाईवे’ है।
बीते 4 साल में भारत 7 FTA साइन कर चुका है, जिसमें यूके, ओमान, न्यूजीलैंड शामिल हैं। अब 27 जनवरी को यूरोपियन यूनियन के साथ भी FTA की घोषणा हो सकती है। भारत-EU के बीच होने वाली ट्रेड डील 3 बड़ी वजहों से ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कही जा रही है…
- EU 27 देशों का ग्रुप और दुनिया की सबसे बड़ा व्यापारिक ब्लॉक है। वहीं भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्था है। दोनों के साथ आने से 200 करोड़ लोगों का मार्केट बनेगा। साथ ही दुनिया की 25% GDP को कवर करेगा।
- मौजूदा वैश्विक उठापटक के बीच दुनिया अमेरिका और चीन का ऑप्शन खोज रही हैं। भारत-EU के बीच ये डील होने से ग्लोबल सप्लाई चेन का चेहरा बदल जाएगा। उम्मीद है कि चीन की जगह भारत तेजी से प्रोडक्शन हब बनेगा। EU से ट्रेड बढ़ेगा और ट्रम्प के टैरिफ को मात दी जाएगी।
- भारत-EU ने पिछले साल 12.5 लाख करोड़ रुपए का ट्रेड किया। FTA आने से भारत की बर्लिन, रोम, म्यूनिख जैसे यूरोपीय बाजारों में और यूरोप की दिल्ली, मुंबई, कोलकाता जैसे भारतीय बाजारों में पहुंच बन जाएगी। अनुमान है कि FTA होने से भारत-EU का व्यापार जल्द ही दोगुना हो जाएगा।

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से भारत को क्या फायदा होगा?
भारत ने 2025 में EU देशों को 6.8 लाख करोड़ रुपए का सामान बेचा। वहीं, EU से 5.5 लाख करोड़ रुपए का सामान खरीदा। भारत-EU की ट्रेड डील से भारत के इन सेक्टर्स को सबसे ज्यादा फायदा होगा…
यूरोप में भारतीय कपड़े ज्यादा बिकेंगे: भारत के कपड़े और चमड़े पर EU अभी 10% ड्यूटी लगाता है। FTA के बाद यह कम या खत्म हो सकती है। इससे यूरोप में भारतीय कपड़े, जूते सस्ते होंगे और उनकी डिमांड बढ़ेगी। इससे भारत में गारमेंट्स, लेदर, फुटवियर जैसी इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को सीधा फायदा होगा।
भारत में लग सकती हैं यूरोप की डिफेंस फैक्ट्रियां: फ्रांस, जर्मनी, स्पेन और इटली जैसे EU देश भारत को एडवांस्ड वेपन बेचते हैं। 2024 में भारत का डिफेंस प्रोडक्शन डेढ़ लाख करोड़ रुपए रहा। वहीं डिफेंस एक्सपोर्ट 25 हजार करोड़ रुपए रहा।
- EU से FTA होने के बाद भारत को डिफेंस सप्लायर और मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर के बनाया जा सकता है। इससे इंडियन डिफेंस इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा।
- इसके अलावा भारत की हथियार कंपनियों को EU की डिफेंस जरूरतें पूरी करने वाले SAFE फंड्स की पहुंच मिल सकती है। ऐसा होने से यूरोप में भारतीय फैक्ट्रियां लग सकती है।
20% बढ़ सकता है फार्मा और केमिकल ट्रेड: इस डील की वजह से फार्मास्यूटिकल्स और केमिकल्स सेक्टर में भारत को हर साल 20-30% के ट्रेड का फायदा हो सकता है। रेगुलेटरी अप्रूवल आसान होने और स्टैंडर्ड एक जैसे होने से भारत में बनने वाली जेनेरिक दवाएं और स्पेशल मेडिसिन की यूरोपीय मार्केट में एंट्री आसान होगी।
कार्बन टैक्स से राहत की उम्मीद: यूरोप ने 1 जनवरी 2026 से कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म यानी CBAM लागू किया है। यूरोप ने 2050 तक अपना कार्बन इमिशन जीरो करने का लक्ष्य रखा है।
- यूरोप में बाहर से आने वाले स्टील, एल्युमीनियम और हाइड्रोजन की चीजों पर 25-30% टैरिफ लग रहा है।
- इससे भारत को सबसे ज्यादा नुकसान होता है, लेकिन अब ट्रेड डील के बाद भारत को राहत मिल सकती है।
इसके अलावा भारत के लोगों को यूरोपियन शराब, यूरोपियन कारें और इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स सस्ते मिलेंगे, क्योंकि इन पर लगने वाले प्रीमियम टैरिफ कम हो जाएगा।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें। आप हमें फेसबुक, ट्विटर, इंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।




































