Stock Market Crash: शेयर मार्केट को किसकी लगी नजर, स्टॉक गिरने के ये हैं 5 बड़े कारण

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मंगलवार, 24 फरवरी को घरेलू शेयर बाजार (stock market news) में तेज गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में ही प्रमुख सूचकांक BSE Sensex और Nifty 50 भारी दबाव में आ गए। कमजोर वैश्विक संकेतों और मुनाफावसूली के चलते निवेशकों ने कई सेक्टरों में बिकवाली की।

सेंसेक्स 800 अंकों से अधिक गिरकर 82,481 के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 फिसलकर 25,500 के नीचे चला गया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी लगभग 1 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।

कारोबार के पहले 30 मिनट में ही निवेशकों की संपत्ति में करीब 4 लाख करोड़ रुपये की कमी आई। सुबह करीब 9:45 बजे बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण घटकर 465 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले सत्र में 469 लाख करोड़ रुपये था।

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आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट

कंपनी का नाम करंट प्राइस गिरावट (%)
एचसीएल टेक 1,373 -3.67%
पर्सिस्टेंट सिस्टम्स 4,800 -3.56%
इन्फोसिस 1,283 -3.34%
टीसीएस 2,595 -3.02%
टेक महिंद्रा 1,398 -2.92%
विप्रो 200 -2.54%
एलटीआई माइंडट्री 4,725 -2.19%


शेयर मार्केट गिरने के ये हैं 5 कारण

1. अमेरिकी टैरिफ को लेकर अनिश्चितता: अमेरिका में टैरिफ को लेकर फिर से असमंजस की स्थिति बन गई है। खबरों के मुताबिक, प्रशासन वैश्विक टैरिफ दोबारा लागू करने के विकल्पों पर विचार कर रहा है। इस बीच, राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि यदि कुछ देश नए व्यापार समझौतों से पीछे हटते हैं तो उन पर अधिक शुल्क लगाया जा सकता है। 24 फरवरी को उनके दूसरे कार्यकाल के पहले आधिकारिक स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन पर भी वैश्विक बाजारों की नजर है।

2. अमेरिका-ईरान तनाव: ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों और संभावित सरकारी कार्रवाई की खबरों ने भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ा दिए हैं। अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। वॉशिंगटन और तेहरान के बीच 26 फरवरी को प्रस्तावित परमाणु वार्ता से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।

3. आईटी शेयरों में भारी बिकवाली: वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी चिंताओं के बीच आईटी सेक्टर में तेज गिरावट आई। Nifty IT इंडेक्स सुबह करीब 9:30 बजे तक 2.84 प्रतिशत तक लुढ़क गया और यह सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा।

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4. रुपये में कमजोरी: डॉलर के मुकाबले रुपया 7 पैसे गिरकर 90.96 पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और मजबूत डॉलर के कारण घरेलू मुद्रा पर दबाव रहा। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से कुछ खरीदारी ने बड़ी गिरावट को सीमित रखा।

5. कमजोर वैश्विक संकेत: एशियाई बाजारों में सुस्ती रही, जबकि वॉल स्ट्रीट भी पिछली रात गिरावट के साथ बंद हुआ। अमेरिकी व्यापार नीति को लेकर अनिश्चितता और संभावित ऊंचे आयात शुल्क की आशंका ने वैश्विक निवेशकों का रुख सतर्क बना दिया है।

कुल मिलाकर, वैश्विक व्यापार तनाव, भू-राजनीतिक जोखिम, आईटी सेक्टर में बिकवाली और मुद्रा बाजार की कमजोरी ने मिलकर 24 फरवरी को भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बनाया।

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